April 22, 2026
National

अहमदाबाद मर्डर केस : जांच के लिए एसआईटी गठित, दो आरोपी गिरफ्तार

Ahmedabad murder case: SIT formed to investigate, two accused arrested

19 अप्रैल । अहमदाबाद जिले के धंधुका कस्बे में 30 साल के व्यक्ति की हत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई है।

इस घटना के बाद भड़की अशांति को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है और कार्रवाई तेज कर दी है।

अहमदाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओम प्रकाश जाट ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए पुष्टि की कि एसआईटी का गठन एक पुलिस उपाधीक्षक (डीवाई एसपी) की देखरेख में किया गया है, ताकि पूरी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश प्रजापति, इंस्पेक्टर रघु करमतिया और करण विहोल, और सब-इंस्पेक्टर एसएच जाला शामिल हैं।

जाट ने बताया, “वे रोजाना के आधार पर जांच की निगरानी करेंगे और हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे। एसआईटी का मकसद एक बेदाग जांच करना और पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना है।”

पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान समीर और रिजवान के रूप में हुई है, और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

दंगा, आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में लगभग 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया है, जबकि हिंसा के सिलसिले में कम से कम 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि घटना तब शुरू हुई जब समीर की मोटरसाइकिल की, भरवाड़ समुदाय के एक स्थानीय युवक धर्मेश गामारा की बाइक से मामूली टक्कर हो गई। इस दौरान समीर के साथ उसकी पत्‍नी भी थी।

इसी दौरान रिजवान ने कथित तौर पर धर्मेश गामारा पर चाकू से हमला किया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। बाद में ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।

इस हत्या के बाद बड़े पैमाने पर अशांति फैल गई, जिसमें भीड़ ने दुकानों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में लगभग 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और रात भर तलाशी अभियान चलाया है, जिसमें घर-घर जाकर जांच करना भी शामिल है।

हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है, और आने-जाने के रास्तों पर कड़ी जांच लागू की गई है।

अफवाहों पर रोक लगाने के लिए साइबर टीमें सोशल मीडिया पर नजर रख रही हैं। पुलिस ने कहा कि इस घटना का किसी भी सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव से कोई लेना-देना नहीं है। यह कोई सामाजिक या सांप्रदायिक विवाद नहीं है। यह एक मामूली मुद्दे पर दो व्यक्तियों के बीच हुई निजी कहासुनी थी।

उन्होंने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है और हालात सामान्य हो रहे हैं। धर्मेश गामरा का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया, जबकि शहर में पुलिस की भारी तैनाती रही।

प्रशासन ने निवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि इस अपराध और उसके बाद हुई हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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