April 21, 2026
Haryana

10 करोड़ रुपये के वार्षिक स्वच्छता बजट के बावजूद सिरसा में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।

Despite an annual sanitation budget of Rs 10 crore, there are heaps of garbage at many places in Sirsa.

स्वच्छता पर सालाना करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद, सिरसा नगर परिषद की अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिससे निवासियों और नगर अधिकारियों में चिंता बढ़ रही है। नगर पालिका में 400 से अधिक स्थायी और संविदा सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं और सफाई कार्यों का कुछ हिस्सा निजी एजेंसियों को भी आउटसोर्स किया जाता है। हालांकि, वार्ड संख्या 11, 12, 19, 20 और 21 सहित कई वार्डों में और रानिया रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, कंगनपुर रोड, शाह सतनाम जी चौक और परशुराम चौक जैसी प्रमुख सड़कों पर कूड़े के ढेर आम हो गए हैं।

नागरिकों और कुछ पूर्व नेताओं ने अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि नगरपालिका द्वारा हर महीने काफी खर्च किए जाने के बावजूद, वार्ड नंबर 20 और 21 की सड़कें कचरे से भरी रहती हैं, जिससे रानिया, नोहरिया बाजार, चांदनी चौक और सूरतघरिया बाजार जैसे प्रमुख बाजार प्रभावित होते हैं।

उन्होंने इन वार्डों में सफाई अभियान चला रही निजी एजेंसी की आलोचना करते हुए कहा कि वह कचरे के उचित निपटान को सुनिश्चित करने में विफल रही है। कचरे की स्थिति को दर्शाने वाली जीपीएस टैग वाली तस्वीरें भी अधिकारियों को सौंपी गईं। सोनी ने इस बात पर जोर दिया कि सिरसा के लगभग सभी घरों में कचरा कर अदा किया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

वार्ड नंबर 11 के मोहन लाल जैसे निवासियों ने भी अपनी निराशा व्यक्त की। नगर निगम ने स्वच्छता संबंधी शिकायतों के लिए एक व्हाट्सएप नंबर शुरू किया था, लेकिन ऐप के माध्यम से दर्ज की गई कई समस्याएं अनसुलझी ही रहीं, जिससे प्रतिक्रिया और निगरानी में कमियां उजागर हुईं। मुख्य स्वच्छता निरीक्षक जयवीर सिंह ने बताया कि 400 से अधिक सफाईकर्मी प्रतिदिन शहर की सफाई में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने घर-घर कचरा प्रबंधन अभियान के तहत घरों और दुकानों में कूड़ेदान वितरित किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कूड़ेदान का उपयोग करने के बजाय सड़कों या खाली भूखंडों पर कचरा फेंकने जैसी नागरिक जागरूकता की कमी स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों में महत्वपूर्ण बाधा डालती है।

जयवीर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन निवासियों के व्यवहार में बदलाव लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नगर निगम के कर्मचारी अथक परिश्रम कर रहे हैं और शहर को स्वच्छ रखने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है।

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