भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की कार्यकारी निदेशक जैसिंथा लाजरस ने मंगलवार को अंबाला छावनी अनाज मंडी का दौरा किया और ई-खरीद पोर्टल, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
लाजरस के साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन, एफसीआई की महाप्रबंधक शरनदीप कौर बरार और अंबाला के उपायुक्त (डीसी) अजय सिंह तोमर भी थे। लाजरस ने किसानों और कमीशन एजेंटों के लिए अनाज मंडी में किए गए इंतजामों के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने गेहूं खरीद प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ की, विशेष रूप से जियो-फेंसिंग, गेहूं की आवक, गेट पास जारी करना, नीलामी, माल उठाना और पोर्टल के माध्यम से की जा रही अन्य प्रक्रियाओं के बारे में।
एचएएफईडी के जिला प्रबंधक देवेंद्र सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) निशांत राठी और अन्य अधिकारियों ने बाजार में खरीद और ढुलाई के संबंध में प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी। डीएफएससी राठी ने बताया कि अंबाला छावनी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद सुचारू रूप से चल रही है और खरीद से संबंधित सभी गतिविधियां ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही हैं।
डीएफएससी ने बताया कि बाजार में 1.38 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं पहुंचा है, जिसमें से 1.26 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है और 74,000 क्विंटल गेहूं उठाया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा, “किसानों की उपज का भुगतान समय पर और व्यवस्थित तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है।” अधिकारियों ने खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए लागू किए गए नए सुधारों की भी समीक्षा की।


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