September 19, 2026
Punjab

नाबालिग बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने के दोषी व्यक्ति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

The Supreme Court ordered an investigation into the ‘fake’ PhD degree case involving faculty members of MDU, Rohtak.

अमृतसर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीओसीएसओ-सह-फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने खिलचियां पुलिस स्टेशन के अंतर्गत दानियाल गांव के निवासी सतनाम सिंह उर्फ ​​मनु को अपनी नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया। यह घटना दो साल पहले घटी थी, जब आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 65(2)/64(1) और पीओसीएसओ अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना भी सुनाया। फैसले के अनुसार, 17 जुलाई 2024 को जब पीड़िता की मां घर से बाहर थी, तब आरोपी ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ जबरन बलात्कार किया और उसे प्रताड़ित किया। जांच में पता चला कि गिरफ्तारी से पहले वह दो साल तक बार-बार उसके साथ बलात्कार करता रहा और उसे धमकी देता रहा कि वह इन घटनाओं का खुलासा न करे।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराधों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और भविष्य में ऐसे अत्याचारों को रोकने के लिए अपराधियों को कानून के पूर्ण बल का सामना करना पड़ेगा।

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