April 27, 2026
Entertainment

फिल्म फ्लॉप होने के बाद टूट गए थे सतीश कौशिक, आत्महत्या तक का कर लिया था विचार

Satish Kaushik was devastated after the film flopped and even considered suicide.

26 अप्रैल । फिल्मी दुनिया में कई बार कलाकार और निर्माता अपनी फिल्मों को सफल बनाने के लिए सालों की मेहनत और करोड़ों रुपए लगा देते हैं, लेकिन जब वही फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो उसका असर केवल करियर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा है, जिसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।

यह मामला सतीश कौशिक की फिल्म ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ से जुड़ा है। यह फिल्म अपने समय की सबसे महंगी हिंदी फिल्मों में गिनी जाती थी। फिल्म में अनिल कपूर और श्रीदेवी मुख्य भूमिका में थे। बड़े सितारों और भारी बजट के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म का निर्देशन सतीश कौशिक ने किया था, जबकि इसे बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था।

एक सेलिब्रिटी चैट शो ‘जीना इसी का नाम है’ के दौरान सतीश कौशिक ने बताया था कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह इतने परेशान हो गए थे कि उन्हें बोनी कपूर से यह पूछने तक की हिम्मत नहीं हो रही थी कि फिल्म टिकट खिड़की पर कैसा प्रदर्शन कर रही है।

इसी बातचीत के दौरान बोनी कपूर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की असफलता से सतीश कौशिक पूरी तरह टूट चुके थे। वह इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने आत्महत्या तक के बारे में सोच लिया था।

उन्होंने कहा, ”सतीश चलती कार से कूदने तक के लिए तैयार थे। यही नहीं, होटल पहुंचने के बाद भी वह पहली मंजिल से छलांग लगाने की बात कर रहे थे।”

हालांकि, बातचीत में इस गंभीर स्थिति को सतीश कौशिक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वह होटल की पहली मंजिल पर खड़े थे, तब नीचे खाने का इंतजाम किया गया था। ऐसे में उनके मन में अचानक यह ख्याल आया कि अगर वह नीचे कूद गए और खाने पर गिर पड़े, तो लोग यह समझेंगे कि वह खाने के लिए कूदे हैं, न कि आत्महत्या करने के लिए।

फिल्म ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ की कहानी मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने लिखी थी। फिल्म में अनुपम खेर, जॉनी लीवर और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े कलाकार भी नजर आए थे। यह फिल्म 16 अप्रैल 1993 को रिलीज हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक खरी नहीं उतर सकी।

Leave feedback about this

  • Service