April 28, 2026
National

मणिपुर कांग्रेस ने की मुख्यमंत्री की आलोचना, एनआरसी को जनगणना से जोड़ना बताया भ्रामक

Manipur Congress criticises CM, calls linking NRC with census misleading

28 अप्रैल । मणिपुर में विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया को जनगणना से जोड़ने से लोगों के बीच भ्रम पैदा हुआ है।

मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरेश्वर गोस्वामी ने मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर दिए गए हालिया बयानों की कड़ी निंदा की और उन्हें भ्रामक बताया।

उन्होंने कहा कि जनगणना को एनआरसी से जोड़ना सही नहीं है और जनगणना एनआरसी को अपडेट करने के लिए अनिवार्य शर्त नहीं है।

इंफाल के कांग्रेस भवन में मीडिया से बात करते हुए गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि एनआरसी को नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत अपडेट किया जाता है, जबकि जनगणना जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत की जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग कानूनी ढांचे और अलग-अलग प्राधिकरणों के तहत होती हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे जनता में भ्रम फैले।

उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एनआरसी को 1951 की जनगणना को आधार बनाकर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपडेट किया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नई जनगणना जरूरी नहीं है।

गोस्वामी ने भाजपा के भीतर एनआरसी मुद्दे पर विरोधाभास का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नवंबर 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाएगा, लेकिन दिसंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कहा था कि देशव्यापी एनआरसी पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी बताया कि फरवरी 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने विधानसभा में कहा था कि एनआरसी को अपडेट करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी गई है।

गोस्वामी ने सवाल उठाया कि उस समय जनगणना और एनआरसी के संबंध पर सवाल क्यों नहीं उठाया गया, जबकि राज्य में वर्तमान और पूर्व दोनों नेतृत्व एक ही पार्टी से जुड़े हैं।

इस बीच, मणिपुर कांग्रेस ने राज्य में होने वाली आगामी जनगणना को टालने की भी मांग की है।

पार्टी ने कहा कि जब तक राज्य में पूरी तरह शांति बहाल नहीं होती और जातीय हिंसा से प्रभावित सभी आंतरिक रूप से विस्थापित लोग अपने घर नहीं लौट जाते, तब तक यह प्रक्रिया स्थगित की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को सौंपे गए ज्ञापन में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई।

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