सुल्ला के विधायक विपिन सिंह परमार, जो पालमपुर नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी हैं, ने शनिवार को नगर निगम द्वारा कथित तौर पर अनसुलझे कई नागरिक मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पालमपुर और आसपास के राजपुर इलाकों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि आवारा पशुओं से जुड़ी एक घटना में एक व्यक्ति की जान जाने के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
पालमपुर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए परमार ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार और भेदभाव किया है। उन्होंने दावा किया कि 460 घरों को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन 193 घरों का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है, जिससे गरीब लाभार्थियों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
करों के मुद्दे पर परमार ने कांग्रेस पर जनता के भरोसे को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 10 साल तक कोई कर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन अब वह निवासियों पर कचरा और मकान कर का बोझ डाल रही है। उन्होंने पार्किंग सुविधाओं को लेकर नगर निगम के इरादे पर भी सवाल उठाया और कहा कि हर वार्ड में पार्किंग सुविधा बनाने का वादा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर हर साल करीब 36 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, फिर भी शहर कचरे से भरा रहता है। उन्होंने आगे कहा कि कचरा संग्रहण के लिए हर महीने करीब 36 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन परिणाम नगण्य हैं।
उन्होंने जल निकासी व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मानसून के मौसम में जलभराव एक आम समस्या बन गई है, जिससे जनता को असुविधा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि 140 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना का कुप्रबंधन हुआ है और सड़कों की खुदाई की गई है, जिससे निवासियों को परेशानी हो रही है।
परमार ने कहा कि पालमपुर में कांग्रेस के नेतृत्व वाली नगर निगम पूरी तरह से विफल रही है।


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