May 7, 2026
National

‘ऑपरेशन सिंदूर’ हमारी सेना के साहस और संकल्प का प्रमाण: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

‘Operation Sindoor’ is a testimony to the courage and resolve of our Army: Lieutenant Governor Manoj Sinha

7 मई । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ के अवसर पर देश के वीर सैनिकों को नमन किया है। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों ने अपने अटूट संकल्प और अदम्य साहस के बल पर पहलगाम में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले दुश्मनों को करारा जवाब दिया।

जम्मू-कश्मीर एलजी ने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से किए गए पोस्ट में लिखा है, “जैसे ही हम ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ मना रहे हैं, हम उन वीर पुरुषों और महिलाओं को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने वर्दी में रहते हुए अपने अटूट संकल्प और अदम्य साहस के बल पर पहलगाम में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले दुश्मनों को करारा जवाब दिया।”

पोस्ट में आगे लिखा है, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक ऐसा संकल्प है जो इस बात की घोषणा करता है कि हमारे बहादुर सशस्त्र बल किसी भी कीमत पर देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह भारत के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, और हम आतंकी नेटवर्क को खत्म करने व जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद-मुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”

वहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर केंद्रीय राज्य मंत्री और जम्मू-कश्मीर की उधमपुर सीट से भाजपा सांसद जितेंद्र सिंह ने पोस्ट किया, “एक साल पहले, भारत ने यह साबित कर दिया कि आतंकवाद का जवाब पूरी ताकत, सटीकता और ‘जीरो टॉलरेंस’ के साथ दिया जाएगा।”

जितेंद्र सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हमारे सशस्त्र बलों की बेमिसाल बहादुरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व को दुनिया के सामने रखा। महज 22 मिनट में, आतंकवाद के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया और मानवता के दुश्मनों को एक साफ संदेश दिया गया कि भारत कभी नहीं झुकेगा।”

इस अवसर पर भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने पोस्ट किया, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ बस एक नाम नहीं, यह न्याय की एक अखंड प्रतिज्ञा है।”

पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “22 अप्रैल ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। आतंकवादियों ने लोगों की पहचान उनके धर्म के आधार पर की और बेकसूर लोगों की जान ले ली। जिन महिलाओं की मांग का सिंदूर मिटा दिया गया, उनसे कहा गया, ‘जाओ और मोदी को बताओ।’ यह आतंकवादियों की अब तक की सबसे बड़ी भूल थी। जिसे वे भारत की खामोशी समझ रहे थे, वह असल में एक रणनीति थी जो आकार ले रही थी। एक ऐसी रणनीति जिसे चुनौती देने की हिम्मत अब किसी में नहीं है।”

पोस्ट में आगे लिखा गया, “22 अप्रैल के उस काले दिन से लेकर 7 मई की विजय-घोषणा तक, भारत ने यह साबित कर दिया कि हम शांति के उपासक हैं, कायरता के नहीं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक ऐसा शक्तिशाली संकल्प है कि आतंकवादियों और उनके आकाओं को छिपने के लिए जमीन का एक इंच भी न मिले। हम पीड़ितों को याद करते हैं। हम उनके परिवारों के लिए शक्ति और शांति की प्रार्थना करते हैं। हम अपने सशस्त्र बलों के शौर्य को सलाम करते हैं।”

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