पंजाब सरकार आज बाद में राज्य भर में नौ नगर निगमों और 104 नगर परिषदों के लिए चुनाव की घोषणा करने वाली है, जिससे स्थानीय निकाय चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक मुकाबले का मार्ग प्रशस्त होगा।
आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।
ये चुनाव कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर कराए जा रहे हैं। राज्य में चुनावी माहौल बेहद तनावपूर्ण है, जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी राजनीतिक रूप से कमजोर दिख रही है, वहीं भाजपा और एसएडी फिर से मजबूत हो रही हैं, और कांग्रेस अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है। ऐसे में इन चुनावों से विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक परिदृश्य तय होने की उम्मीद है।
सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
राज्य चुनाव आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने द ट्रिब्यून को बताया है कि मतदाता सूचियों का संशोधन पूरा हो चुका है। अंतिम मतदाता सूचियां 5 मई को प्रकाशित की गईं।
यह उल्लेख किया जा सकता है कि बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला की नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले, राज्य सरकार ने इन शहरी स्थानीय निकायों को भंग कर दिया था और चुनाव परिणाम घोषित होने तक नागरिक कामकाज की देखरेख के लिए प्रशासकों को नियुक्त किया था।
इन चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय भाजपा और एसएडी द्वारा ज़ोरदार प्रचार किए जाने की संभावना है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब की सभी प्रमुख पार्टियों के लिए इन नगर निगम चुनावों को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।


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