11 मई । मुंबई पुलिस ने पूर्व एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के अंगरक्षक कांस्टेबल श्याम सोनवणे को कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
12 अक्टूबर 2024 की रात को तीन हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के बांद्रा स्थित कार्यालय के बाहर हुई।
मुंबई पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल श्याम सोनावाणे सुरक्षा शाखा में तैनात थे और उन्हें बाबा सिद्दीकी की सुरक्षा में लगाया गया था। घटना के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई।
जांच में कांस्टेबल श्याम सोनावाणे को कर्तव्य में लापरवाही का दोषी पाया गया, जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया कि उन्हें सेवा से क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए।
इसके बाद, पुलिस विभाग ने उन्हें बर्खास्तगी पत्र जारी किया, जिसे उन्होंने 2 मई को स्वीकार कर लिया। अब उन्हें कर्तव्य में लापरवाही के आधार पर आधिकारिक तौर पर सेवा से हटा दिया गया है।
बता दें कि बाबा सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर 2024 की रात को बांद्रा स्थित उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुंबई पुलिस की सुरक्षा शाखा में तैनात सोनावाणे को सिद्दीकी की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।
नवंबर 2025 में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के सिलसिले में अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद नई दिल्ली लाया गया था।
बिश्नोई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में गिरफ्तार होने वाले 19वें आरोपी बने। मार्च 2023 में आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने एक आरोप पत्र दायर किया था जिसमें 2020 से 2023 के बीच देश भर में हुए कई बड़े अपराधों में गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई के साथ बिश्नोई के कथित संबंधों का विस्तृत विवरण दिया गया था।
जून 2025 में बाबा सिद्दीकी की हत्या में कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता जीशान अख्तर को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था।


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