गुरुग्राम की एक सत्र अदालत ने शनिवार देर रात पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोरा को कथित धोखाधड़ी वाले जीएसटी लेनदेन से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सात दिन की हिरासत में भेज दिया।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता से जुड़े कई स्थानों पर दिनभर की छापेमारी के बाद ईडी ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह जांच 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की कथित फर्जी जीएसटी खरीद से संबंधित है। जांचकर्ताओं का दावा है कि अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), निर्यात-संबंधित जीएसटी रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक लाभ प्राप्त करने के लिए दिल्ली स्थित काल्पनिक फर्मों के माध्यम से फर्जी खरीद चालान तैयार किए गए थे।
एजेंसी ने मामले में जांच के दायरे में आई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के परिसर की भी तलाशी ली। ईडी के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन लेन-देन से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और इनका इस्तेमाल अवैध धन के हस्तांतरण के लिए किया गया।
अरोरा के वकील अर्जुन ने कहा, “दस दिन की रिमांड के लिए एक आवेदन दायर किया गया था, लेकिन अदालत ने सात दिन की रिमांड दी। ईडी ने ठीक से जांच नहीं की। एजेंसी ने 5 मई को मामला दर्ज किया और 9 मई की सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित घटना है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया, “हमें एफआईआर की प्रति नहीं मिली है। ईडी ने तलाशी आदेश के दौरान यह एफआईआर दर्ज की थी।”
अदालत ने अरोरा की अगली पेशी के लिए गुरुग्राम अदालत में 16 मई की तारीख तय की है।


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