बटाला दोहरे हत्याकांड में वांछित, विदेश में रहने वाले भगोड़े गैंगस्टर हैप्पी जट्ट से जुड़े तीन प्रमुख गुर्गों को पश्चिम बंगाल में भारत-भूटान सीमा से गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को यहां बताया कि वे भूटान भागने की कोशिश कर रहे थे।
“ऑपरेशन नेस्ट रेकर” नामक यह अभियान एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पुलिस महानिरीक्षक आशीष चौधरी के नेतृत्व वाली ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (ओएफटीईसी) और बटाला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अमृतसर के कठूनंगल निवासी जतिन सिंह, तरन तारन के संगर कोट गांव के साजनदीप सिंह और अमृतसर के बलिया मंजपुर निवासी महकदीप सिंह के रूप में हुई है। जतिन सिंह पर पहले से ही शस्त्र अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं।
ये गिरफ्तारियां 27 अप्रैल को बटाला के भोमा गांव में रात करीब 9 बजे हुए एक हमले के बाद की गई हैं, जिसमें चार अज्ञात बाइक सवारों ने तीन लोगों पर गोलियां चलाईं थीं। दो लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि तीसरा घायल हो गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी हैप्पी जट्ट के निर्देशों पर काम कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने हैप्पी जट्ट के आदेश पर हत्याएं कीं। उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। वित्तीय संबंधों, रसद सहायता, हथियार खरीद और अन्य सहयोगियों की भूमिका सहित साजिश का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एजीटीएफ) प्रमोद बान ने बताया कि एजीटीएफ, बटाला की पुलिस टीमों और खुफिया एवं तकनीकी इकाइयों ने घटना के बाद कई स्थानों से सीसीटीवी फुटेज का संयुक्त रूप से विश्लेषण किया। तकनीकी फुटेज और खुफिया जानकारी से आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करने और पंजाब वापस लाने के लिए एक टीम भेजी गई।


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