May 21, 2026
National

गुजरात के वडनगर स्किल इंस्टीट्यूट के प्रशिक्षु देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तैनात

Trainees from Vadnagar Skill Institute, Gujarat, deployed in major infrastructure projects across the country

21 मई । गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर स्थित एक स्किल ट्रेनिंग संस्थान ने पूर्ण रूप से संचालन शुरू कर दिया है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शुरुआती बैचों के प्रशिक्षुओं को देश की कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तैनात किया गया है।

इंडस्ट्रियल कंस्ट्रक्शन स्किल्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईसीएसटीआई) की स्थापना एक निजी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी ने गुजरात सरकार के सहयोग से की है। संस्थान ने अब तक 201 प्रशिक्षुओं वाले दो पायलट बैचों को प्रशिक्षण दिया है।

यह पहल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक और रोजगार आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है।

अधिकारियों के अनुसार, 45, 60 और 90 दिनों के कोर्स पूरा करने वाले प्रशिक्षु वर्तमान में धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन परियोजना, अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, अहमदाबाद मेट्रो, खंभालिया सोलर पावर प्रोजेक्ट और हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं।

इन प्रशिक्षुओं को हर महीने 18,000 से 20,000 रुपये तक का स्टाइपेंड दिया जा रहा है।

करीब 9.3 एकड़ में फैले इस कैंपस में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। यहां बड़े प्रैक्टिकल मॉडल और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं मौजूद हैं।

संस्थान प्रमुख निरंजन मिश्रा ने बताया कि ट्रेनिंग सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा, “स्किल ट्रेनिंग फ्रेमवर्क ब्रिटेन के कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री ट्रेनिंग बोर्ड के मानकों पर आधारित है। पाठ्यक्रम उसी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है, ताकि वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग सुनिश्चित हो सके।”

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षुओं को उनकी दक्षता के आधार पर लेवल-2, लेवल-3 और लेवल-4 श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।

प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवारों को नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) के तहत 24 महीने और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 9 महीने तक काम का अवसर मिलता है। इस तरह कुल 33 महीने तक स्टाइपेंड आधारित रोजगार मिलता है।

अधिकारियों के मुताबिक, दो साल का अप्रेंटिसशिप पूरा करने के बाद प्रशिक्षु फ्रंट लाइन सुपरवाइजर पद के लिए पात्र हो जाते हैं। इसके अलावा विदेशों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं।

संस्थान में फिलहाल निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े 20 से अधिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें फॉर्मवर्क कारपेंट्री, स्कैफोल्डिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, वेल्डिंग, पाइप फिटिंग, एचवीएसी, फायर फाइटिंग सिस्टम, सर्वेइंग, सोलर इंस्टॉलेशन और हेल्थ एंड सेफ्टी जैसे कोर्स शामिल हैं।

यह कार्यक्रम पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए खुला है। कैंपस में अलग-अलग हॉस्टल सुविधा उपलब्ध है। प्रशिक्षुओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता और रहने-खाने की सुविधा मुफ्त दी जाती है।

कैंपस में हॉस्टल, भोजन व्यवस्था, खेल मैदान, जिम, स्वास्थ्य सेवाएं, इंडोर गेम्स और योग-मेडिटेशन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

वडनगर के कॉमर्स ग्रेजुएट प्रशिक्षु रोनक कड़िया ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले फॉर्मवर्क कारपेंट्री ट्रेड में प्रवेश लिया था और अब वह अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना में कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा, “आईसीएसटीआई-वडनगर में ट्रेनिंग के दौरान मैंने बहुत कुछ सीखा। मेरी स्किल बेहतर हुई और अब मैं बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट साइट पर काम कर रहा हूं। यहां की ट्रेनिंग व्यावहारिक है और रोजगार के अच्छे अवसर मिलते हैं।”

अधिकारियों के अनुसार, पायलट बैच के सभी 201 प्रशिक्षुओं को विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में नियुक्त किया जा चुका है या तैनाती की प्रक्रिया जारी है।

यह संस्थान पिछले वर्ष मार्च में कंपनी और गुजरात सरकार की स्किल डेवलपमेंट एजेंसियों के बीच हुए एमओयू के बाद विकसित किया गया था। सितंबर में संस्थान ने पहला बैच शुरू किया।

18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवार इसमें प्रवेश ले सकते हैं। अलग-अलग ट्रेड के अनुसार शैक्षणिक योग्यता तय की गई है। कुछ कोर्स के लिए सामान्य स्कूली शिक्षा पर्याप्त है, जबकि कुछ में आईटीआई प्रमाणपत्र जरूरी है।

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