May 25, 2026
National

‘ऑटो वाले राजभर’ पर सुभासपा का पलटवार, अरविंद राजभर बोले- आलोचना से और मजबूत हो रही पार्टी

Subhaspa retorts to ‘auto wale Rajbhar’, Arvind Rajbhar says criticism is strengthening the party

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा किए गए तंज पर अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने रविवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अब खुद को ‘ऑटो वाले राजभर’ के नाम से पहचान देने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा किए गए तंज और कटाक्ष से उनकी पार्टी और मजबूत होकर उभर रही है।

अरविंद राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह सबसे पहले सपा को बधाई देना चाहते हैं, क्योंकि अब सुभासपा को अपनी बात जनता तक पहुंचाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि एक बड़ी पार्टी और बड़ा राजनीतिक एंपायर अब सुभासपा के लिए ‘पीआर एजेंसी’ का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लगातार ओम प्रकाश राजभर को निशाना बना रहे हैं, लेकिन इसका फायदा सुभासपा को मिल रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी को चायवाला बोला था। पीएम मोदी को इतना ट्रोल किया गया कि वह प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हो गए। अखिलेश यादव साल 2027 में मुख्‍यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, जो कि कभी पूरा होने वाला नहीं है। अगर चाय वाला देश का प्रधानमंत्री हो सकता है, तो इस देश के समस्‍त वंचितों का नेता गरीब, अल्‍पसंख्‍यक, पिछड़े दलितों का नेता और युवाओं की आवाज को बुलंद करने वाला नेता ओमप्रकाश राजभर ऑटो वाला भी हो सकता है।

सुभासपा महासचिव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उनकी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘इसी ऑटो में भर-भर कर’ लोग प्रतिदिन सुभासपा का दामन थाम रहे हैं।

उनके मुताबिक, जनता को अब यह विश्वास हो गया है कि अखिलेश यादव जमीन पर उतरकर गरीबों के बीच राजनीति नहीं कर सकते, क्योंकि वह ‘एसी वाले नेता’ बन चुके हैं। इसके विपरीत ओम प्रकाश राजभर को उन्होंने ऐसा नेता बताया जो हर परिस्थिति में गरीबों और वंचितों के साथ खड़ा दिखाई देता है।

अरविंद राजभर ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुभासपा की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता उन नेताओं को जवाब देगी जो केवल बयानबाजी करते हैं, जबकि जमीनी मुद्दों पर काम करने वाले नेताओं को समर्थन मिलेगा। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सपा और सुभासपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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