June 4, 2026
National

शाहजहांपुर में बनेगा विश्वविद्यालय, स्वामी चिन्मयानंद ने दान की 550 करोड़ की संपत्ति

A university will be built in Shahjahanpur, Swami Chinmayanand has donated property worth Rs 550 crore.

27 मई । उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बुधवार को पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने मुमुक्षु आश्रम की 550 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के नाम राज्य सरकार को दान कर दी। उनका कहना है कि यह संपत्ति अब शिक्षा के काम आएगी और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करेगी।

स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, जो स्वामी शुकदेवानंद डिग्री कॉलेज और मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता भी हैं, ने कहा कि स्वामी शुकदेवानंद ने अपना पूरा जीवन शाहजहांपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगा दिया। इस इलाके में शिक्षा की शुरुआत बहुत सीमित संसाधनों के साथ हुई थी। पहले यहां केवल कुछ ही कॉलेज थे और छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ, बरेली या दिल्ली तक जाना पड़ता था।

उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 1940 के दशक में शुकदेवानंद ने यहां गुरुकुल की शुरुआत की थी, फिर 1952 में इंटर कॉलेज और 1964 में डिग्री कॉलेज की नींव रखी गई। उनका सपना था कि शाहजहांपुर में उच्च शिक्षा का ऐसा केंद्र बने जहां छात्रों को बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि उस समय जिले में शिक्षा की काफी कमी थी और छात्र कई मुश्किलों का सामना करते थे।

स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि धीरे-धीरे यहां शिक्षा का विस्तार हुआ और आज जिले में कई कॉलेज बन चुके हैं, जिनमें से कई सरकारी हैं। लेकिन फिर भी एक विश्वविद्यालय की कमी महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि शाहजहांपुर में एक यूनिवर्सिटी बने ताकि उच्च शिक्षा को और मजबूती मिल सके।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई एक बैठक के बाद विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में काम तेज हुआ। बाद में जमीन की तलाश की गई और मुमुक्षु आश्रम परिसर की जमीन को इसके लिए चुना गया। इसी जमीन और संपत्ति को अब यूनिवर्सिटी के नाम ट्रांसफर किया गया है।

स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि उनका मकसद किसी निजी लाभ के लिए नहीं है, बल्कि समाज और शिक्षा के विकास के लिए है। उन्होंने कहा कि लगभग 550 करोड़ रुपए की यह संपत्ति अब सरकार को दी जा रही है ताकि इससे हजारों छात्रों का भविष्य बन सके। उनके अनुसार यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी सौगात है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक विकसित देश के लिए अच्छी और व्यवस्थित शिक्षा सबसे जरूरी है। अगर शिक्षा मजबूत होगी तो युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और समाज आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ जमीन या संपत्ति का दान नहीं है, बल्कि शिक्षा के भविष्य में निवेश है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विश्वविद्यालय की स्थापना का सपना वर्षों पुराना था और अब जाकर वह पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता देते रहे हैं, और आगे भी उनका प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक युवाओं को बेहतर शिक्षा मिले।

इस मौके पर उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनके सहयोग से यह सपना साकार हुआ है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह विश्वविद्यालय जल्द ही पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा शिक्षा केंद्र बनेगा।

Leave feedback about this

  • Service