कृषि विभाग ने गुरुवार को बठिंडा के मलोट रोड स्थित एक गोदाम से 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त करने का दावा किया और उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ), 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में महाराष्ट्र स्थित एक कंपनी और दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुद्दियां ने कहा कि विशिष्ट सूचना मिलने के बाद विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी के बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि जब्त किए गए पशुओं से हजारों एकड़ कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।
मंत्री ने कहा, “कंपनी के पास कथित तौर पर राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी वैध उर्वरक लाइसेंस नहीं था और वह केवल कीटनाशक व्यवसाय के लिए लाइसेंस प्राप्त परिसर से कृषि सामग्री बेच रही थी। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 7 और 8 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 का उल्लंघन है।”
खुद्दियां ने पंजाब भर के सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को अचानक निरीक्षण तेज करने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों से केवल लाइसेंस प्राप्त डीलरों से ही उर्वरक और बीज खरीदने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम कृषि कार्यालय को देने का भी आग्रह किया।
इस मामले में जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें के बी बायो-ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी रवि कुमार और महाराष्ट्र निवासी साबल अशांत हनुमंत शामिल हैं।


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