दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी। घायल दोनों अपराधी गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, मालवीय नगर इलाके के अरबिंदो कॉलेज के पास देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। देर रात क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि गाजियाबाद के दो अपराधी मालवीय नगर इलाके में किसी अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। क्राइम ब्रांच ने अरबिंदो कॉलेज के पास जाल बिछाया, लेकिन पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में घायल होने पर दोनों बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपराधियों की पहचान गाजियाबाद के लोनी इलाके के रहने वाले गोपाल और सौरभ के रूप में हुई। फिलहाल, दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों में नकली कॉल सेंटरों के जरिए चलाए जा रहे शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शादी से जुड़ी सेवाओं के नकली विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाया जाता था। आरोपी ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटरों का नेटवर्क चला रहा था। इसी तरह दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र के रहने वाले एक युवक को फंसाया गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फेसबुक ब्राउज करते समय उन्हें शादी से जुड़ी सेवाओं का एक विज्ञापन दिखा। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया और उन्हें अपनी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए मनाया। उनकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने धोखेबाजों की ओर से दिए गए क्यूआर कोड के जरिए लगभग 81 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में, उन्हें एहसास हुआ कि शादी से जुड़ी सेवाएं दिलाने के झूठे वादे के तहत उनके साथ धोखाधड़ी और ठगी की गई है।
मामले की जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े धोखाधड़ी के 8 मामले सामने आए। टीम ने सफलतापूर्वक रेड की और ग्वालियर से प्रदीप साहू को पकड़ा, जो गिरोह का मास्टरमाइंड था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने गुनाह कबूल लिया और बताया कि वह लगभग 5 साल से कॉल सेंटर चला रहा था और उसने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में लगभग 14 कॉल सेंटर खोले थे। उसने बताया कि कर्मचारियों को विज्ञापनों के जरिए भर्ती किया जाता था और उन्हें शादी-ब्याह की सेवाएं चाहने वाले अनजान लोगों से संपर्क करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती थी।
स्टाफ सदस्यों को निर्देश दिया जाता था कि वे पीड़ितों को शादी कराने का झूठा भरोसा देकर लुभाएं और रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन चार्ज और अन्य मनगढ़ंत सर्विस चार्ज के नाम पर पैसे वसूलें। आरोपी ने खास तौर पर अपने कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि वे कम रकम (आमतौर पर 5,000 रुपए से 10,000 रुपए के बीच) वसूलें, क्योंकि उसका मानना था कि पीड़ित ऐसी धोखाधड़ी की शिकायत कानून लागू करने वाली एजेंसियों से कम ही करेंगे।


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