12 जून । सीबीआई ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ से जुड़े आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में गबन के मामलों में दो चार्जशीट दाखिल की हैं।
यह हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ा मामला है। हरियाणा सरकार के फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ी चार्जशीट सीबीआई पंचकूला के स्पेशल जज की अदालत में दाखिल की गई है। इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। ये दोनों प्राइवेट व्यक्ति हैं जिन्हें अपराध से मिली रकम का फायदा मिला था। हरियाणा सरकार के मामले में यह दूसरी चार्जशीट है।
गौरतलब है कि सीबीआई पहले ही 15 आरोपियों/कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें तीन सरकारी कर्मचारी, 6 बैंकर, 2 कंपनियां और 4 प्राइवेट व्यक्ति शामिल हैं।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़ी चार्जशीट चंडीगढ़ में सीबीआई के स्पेशल जज की अदालत में दाखिल की गई है। इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक प्राइवेट व्यक्ति शामिल है। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मामले में यह पहली चार्जशीट है।
चार्जशीट में बताए गए अपराधों में आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और धोखाधड़ी के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं।
सीबीआई ने हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े मामले को हरियाणा के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो से और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड व सीआरईएसटी चंडीगढ़ से जुड़े दो मामलों को चंडीगढ़ के इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन से अपने हाथ में लिया था।
दरअसल, हरियाणा सरकार के मामले में इन लेनदेन से कुल 504 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और चंडीगढ़ में यह नुकसान 153 करोड़ रुपए का है।


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