शिमला रेड ने आज यहां आयोजित पहले अंडर-21 “नशा छोड़ो-खेल खेलो” एंटी-चिट्टा अंतर-जिला वॉलीबॉल टूर्नामेंट के रोमांचक फाइनल में मंडी को 3-2 से हराकर जीत हासिल की।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि और शिमला के विधायक हरीश जनार्थ ने विजेताओं को दौड़ की ट्रॉफी और 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। उपविजेता मंडी टीम को 50,000 रुपये मिले।
मुख्य अतिथि द्वारा व्यक्तिगत उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किए गए, जिनमें सर्वश्रेष्ठ आक्रमणकारी: सियाल (मंडी); सर्वश्रेष्ठ सेटर: कृष (शिमला रेड); सर्वश्रेष्ठ लिबेरो: हिमांशु (कुल्लू); और सर्वश्रेष्ठ ब्लॉकर: पीयूष (शिमला रेड) शामिल हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए जनार्थ ने आयोजन की सफलता की सराहना की और जिला प्रशासन की एक नई पहल पर प्रकाश डाला, जिसके तहत क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली प्रत्येक टीम को 20,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस स्थान पर अंडर-19 स्कूल शिविरों का आयोजन किया जाएगा और प्रशिक्षकों से इस सुविधा का उपयोग जारी रखने का आग्रह किया।
जनार्थ ने आगे कहा कि जिला प्रशासन और शिमला नगर निगम संयुक्त रूप से आयोजन स्थल पर विशिष्ट खेलों के लिए एक समर्पित कार्यक्रम जारी करेंगे और आगामी ओपन स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं की योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने टूर्नामेंट के सुचारू संचालन के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद भी दिया।
पहली बार वॉलीबॉल को अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मकालीन महोत्सव में शामिल किया गया। राजीव गांधी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम और मैदान में 8 से 12 जून तक आयोजित पांच दिवसीय टूर्नामेंट में 13 प्रतिभागी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।


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