July 3, 2026
Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सतलुज पट्टी को बाढ़ों से बचाने और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 38 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक सड़क का शिलान्यास किया

Chief Minister Bhagwant Singh Mann laid the foundation stone for a 38-kilometer-long Dhussi Bundh link road, aimed at protecting the Sutlej belt from floods and facilitating smooth movement in the Shahkot-Lohian area.

सतलुज नदी के आस-पास के इलाकों को बाढ़ की मार से बचाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शाहकोट हलके में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से शाहकोट-मोगा-रामपुर रोड से गिद्दरपिंडी धुस्सी बांध तक लिंक रोड का नींव पत्थर रखा। 37.93 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संपर्क में सुधार करना और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सतलुज नदी के किनारे बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की कुल लंबाई 37.93 किलोमीटर होगी। हमारी सरकार ने इस बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट के लिए 61.82 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। शाहकोट और लोहियां क्षेत्रों में रहने वाले लोग दशकों से बाढ़ के निरंतर खतरे में जी रहे थे। पिछली सरकारों ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन इस ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को हमेशा नजरअंदाज किया।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम झूठे वादे करने में नहीं, बल्कि नतीजे देने में विश्वास रखते हैं। मैंने खुद इस क्षेत्र के लोगों द्वारा झेली गई मुश्किलों को देखा है, जब बारिश के मौसम में गांवों का संपर्क टूट जाता था। धुस्सी बांध पर इस सड़क के निर्माण से सतलुज नदी के किनारे बने बांध को और मजबूती मिलेगी और यह स्थानीय लोगों के लिए बाढ़ के खतरों के विरुद्ध मजबूत ढाल का काम करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “यह सड़क इलाके के लगभग 15 गांवों में रहने वाले करीब 15-16 हजार निवासियों को रोजाना आने-जाने में बड़ी सुविधा देगी। यह शाहकोट-मोगा रोड को लोहियां-मक्खू रोड से जोड़ेगी और एक प्रभावी बाईपास के रूप में काम करेगी, जिससे मौजूदा रूट पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। मानसून के मौसम में यह सड़क किसानों, स्कूली बसों और आम जनता के लिए सुचारू और निर्विघ्न आवाजाही सुनिश्चित करेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में मजबूत ग्रामीण बुनियादी ढांचा कायम करने और उच्च स्तर की सड़क व आवाजाही नेटवर्क सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि शाहकोट-लोहियां क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, संपर्क, आर्थिक विकास और बेहतर जीवन स्तर के लिए निवेश है।”

अपनी सरकार के अन्य लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि ‘आप’ सरकार ने युवाओं को 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। पंजाब में सिफारिशों और पैसे के लेन-देन का दौर खत्म हो चुका है और अब युवाओं को सिर्फ मेरिट और योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं, जिस कारण एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।”

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से स्थापित किए गए लगभग 990 ‘आम आदमी क्लीनिकों’ के ऐतिहासिक कदम के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। ये क्लीनिक मानकीकरण के सिद्धांतों पर बने हैं, जो आईटी आधारित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग के सहयोग से 107 जरूरी दवाइयां और 47 टेस्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। लोगों ने इसे भरपूर समर्थन दिया है क्योंकि अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी हैं। रोजाना लगभग 84,000 मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं और 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों को सारी जरूरी दवाइयां क्लीनिक से ही मुफ्त मिल रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस जन स्वास्थ्य पहल का प्रभाव बेमिसाल रहा है और 97 प्रतिशत मरीजों ने मिली सेवाओं पर संतुष्टि व्यक्त की है, जो इस योजना में लोगों का विश्वास दर्शाती है। 400 और आम आदमी क्लिनिक जल्द शुरू किए जा रहे हैं और पंजाब यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि कोई भी नागरिक मानक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे।”

सिंचाई सुधारों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने बेहतर सिंचाई व्यवस्था के जरिए इस साल 96 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया है, जिससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है, जबकि पहले यह पानी बर्बाद हो जाता था। हमारी सरकार ने पंजाब के कोने-कोने में किसानों की सुविधा के लिए पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई हैं और खालें बनाई हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इन पाइपलाइनों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है ताकि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करके उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके। राज्य सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इस कदम से पूरे पंजाब के किसानों को बड़ा फायदा होगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट रखे गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके और इन प्रयासों से कई इलाकों में पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। टैक्सदाताओं के पैसे को लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है और यह विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के रूप में उनके पास वापस आ रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “पंजाब सरकार अब लोगों के लिए काम कर रही है और 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों के रोजाना 70 लाख रुपए बच रहे हैं। राज्य सरकार पंजाब के लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने की एक-एक पाई की सुचारू उपयोग कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और यहां तक कि किसानों को भी आज दिन में बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्तियों को अपने चहेतों को कौड़ी के भाव दे रही है, पंजाब सरकार ने एक प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदकर और इसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है।”

महिला सशक्तिकरण की पहलकदमियों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। इसके तहत बाकी सभी श्रेणियों की 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह वित्तीय सहायता के रूप में मिलेंगे।”

उन्होंने इशारा करते हुए कहा, “आम लोगों, खासकर गरीबों के लिए 1,000-1,500 रुपए बड़ी रकम होती है। यह राशि मावां और धीयां के लिए सम्मान का प्रतीक है और इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर आने वाली मुस्कान मुझे बहुत संतोष देती है।”

राज्य की सर्वव्यापी स्वास्थ्य सेवा योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। यह पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त (कैशलेस) इलाज प्रदान करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को सर्वव्यापी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है और लोग अब तक 650 करोड़ रुपए से अधिक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं परमात्मा का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ पास करने का अवसर बख्शा। पिछले समय में जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं तो करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंची। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों से विस्तृत सलाह-मशवरे के बाद यह बिल लाने की ताकत बख्शी है। पंजाब सरकार ने इस बिल को बहुत सोच-समझकर तैयार किया है ताकि यह समाज-विरोधी तत्वों के लिए भविष्य में ऐसा कोई भी गुनाह करने से रोकने के लिए बड़ी चेतावनी का काम करे और कोई भी कभी ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत न कर सके।”

इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

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