देहरा जिला पुलिस ने कल एक कथित आदतन ड्रग तस्कर और उसके परिवार की संपत्तियों की जांच करने के बाद, अवैध साधनों से कथित तौर पर अर्जित की गई लगभग 50.16 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया।
यह आदेश मादक औषधि एवं मनोविकृति पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ (1) के तहत जारी किया गया है।
धलियारा के सूरजपुर गांव निवासी बिशंबर दास के पुत्र राम पाल के खिलाफ पिछले साल 22 नवंबर को देहरा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। उसके कमरे की अलमारी से 3.628 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। जब्त की गई सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 3.50 लाख रुपये था। तलाशी के दौरान पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा 64,035 रुपये भी बरामद किए।
देहरा एसपी मयंक चौधरी के अनुसार, पुलिस ने गहन वित्तीय जांच की और लगभग 50.16 लाख रुपये की अचल और संपत्ति का पता लगाया, जिसमें वाहन, एक घर और बैंक जमा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये संपत्तियां आरोपियों के नाम पर दर्ज हैं।
परिणामस्वरूप, देहरादून के एसएचओ ने संपत्तियों को जब्त करने का आदेश पारित किया। आदेश की अनिवार्य पुष्टि के लिए मामला दिल्ली स्थित नामित एनडीपीएस न्यायालय-सह-सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया गया था।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आदतन अपराधी पहले भी चार अलग-अलग मामलों में शामिल था, जिनमें से तीन मामले एनडीपीएस अधिनियम के तहत देहरा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दर्ज किए गए थे। पिछले कुछ महीनों में देहरा पुलिस जिले में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। अब तक तीन मामलों में 89,65,026 रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
देहरा एसपी ने दावा किया कि वित्तीय जांच के बाद अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और फ्रीजिंग तथा आदतन ड्रग तस्करों की निवारक हिरासत प्रभावी निवारक साबित हो रही है।


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