हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) प्रणाली के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किया है, जिससे नवविवाहित पुरुषों को राहत मिलेगी, जिनका नाम विवाह पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान उनके ससुराल वालों की पारिवारिक आईडी में जोड़ दिया गया था। अब ऐसे व्यक्तियों को उनकी मूल पारिवारिक आईडी से पुनः जोड़ा जा सकता है।
पीपीपी के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस प्रावधान से हजारों परिवारों को लाभ होगा और परिवार पहचान पत्र प्रणाली से संबंधित कई व्यावहारिक मुद्दों को हल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नवविवाहित पुरुष जिनका नाम किसी भी कारण से उनके ससुराल वालों के पारिवारिक पहचान पत्र में जुड़ गया था, अब उन्हें उनके मूल पारिवारिक रिकॉर्ड में बहाल किया जा सकता है। डॉ. खोला ने आगे कहा कि पारिवारिक पहचान पत्र से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे व्यक्ति अपने संबंधित जिले के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा, “शिकायत को फील्ड कोऑर्डिनेटर या प्रोग्रामर के माध्यम से पीपीपी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। मामले के सत्यापन के बाद, एडीसी अनुरोध को मंजूरी देगा।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति की पत्नी और बच्चे एक अलग पारिवारिक आईडी के तहत पंजीकृत हैं, तो अनुमोदन मिलने के बाद उन्हें उसकी पारिवारिक आईडी से जोड़ा जा सकता है।
इसी प्रकार, यदि पत्नी और बच्चे अपने ससुराल वालों की पारिवारिक आईडी में शामिल हैं, तो परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ स्थानांतरित कर दिया जाएगा और व्यक्ति की मूल पारिवारिक आईडी से जोड़ दिया जाएगा।


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