June 27, 2026
Entertainment

‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’ का टीजर रिलीज, पेस्टिसाइड के खिलाफ कोर्ट में लड़ती दिखीं काजल अग्रवाल

Teaser for ‘The India Story: Slow Poison’ released; Kajal Aggarwal seen fighting against pesticides in court.

सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। मेकर्स ने फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया है। इस टीजर में दिखाया गया है कि कैसे रोजमर्रा के खाने में मिल रहे जहर और पेस्टिसाइड्स की वजह से लोगों की जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा है।

टीजर की शुरुआत ही एक बड़े विरोध-प्रदर्शन से होती है, जहां किसानों और आम लोग सड़कों पर उतरकर वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हैं। भीड़ उनकी गिरफ्तारी की मांग करती नजर आती है और गुस्से में उनके पोस्टरों पर कालिख पोतती है।

इसके बाद कोर्टरूम का सीन दिखाया जाता है। यहां श्रेयस तलपड़े के किरदार योगेश पांडे की याचिका पर सुनवाई होती है। योगेश का दावा करता है कि उसकी सात साल की बेटी की मौत कैंसर से हुई थी, लेकिन वह इसे हत्या करार देता है, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी बेटी की मौत का कारण खाने-पीने की चीजों में मौजूद मिलावट थी। इसमें फल-सब्जियों, दूध और दही जैसी रोजमर्रा की चीजों में मिल चुके जहरीले तत्वों का जिक्र किया जाता है, जो धीरे-धीरे शरीर में गंभीर बीमारी पैदा कर रहे हैं।

इस केस की पैरवी वकील अर्चना करती हैं। कोर्ट में उनका किरदार बेहद मजबूत और तर्कपूर्ण तरीके से अपनी बात रखता है। वह कहती हैं, ”फल-सब्जियां ये सब किसानों के माध्यम से खरीदी जाती है, किसान जो पेस्टिसाइड इस्तेमाल कर रहे है, उन्हें बनाने वाली कंपनियां और कंपनियों को इजाजत देने वाली सरकार भी दोषी है।”

टीजर में आगे श्रेयस तलपड़े के किरदार योगेश पांडे की निजी जिंदगी का दर्द भी दिखाया गया है। वह अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता है, लंबी लाइनों में खड़ा होता है और हर जगह मदद की उम्मीद में भटकता नजर आता है। लेकिन जब उसकी बेटी की मौत हो जाती है, तो उसका दर्द और गहरा हो जाता है। इसके बाद वह न्याय के लिए पुलिस स्टेशन जाता है, लेकिन वहां उसकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उसकी फाइलें फेंक दी जाती हैं। यह सीन सिस्टम पर सवाल खड़े करता है और एक आम इंसान की बेबसी को दिखाता है।

टीजर में दमदार डायलॉग सुनाई देता है, जिसमें श्रेयस तलपड़े कहते हैं, ‘हरित क्रांति के नाम पर जो जहर का तूफान उठा है, वह रुकने का नाम ही नहीं रहा है।’

टीजर के आखिर में एक चौंकाने वाला सीन भी दिखाया गया है, जहां प्रदर्शन के बीच एक महिला काजल अग्रवाल को थप्पड़ मार देती है।

फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’ पेस्टिसाइड खेती और भोजन में मिलावट के गंभीर मुद्दे पर आधारित है। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि कैसे आधुनिक खेती और रासायनिक पदार्थ धीरे-धीरे इंसानी सेहत को प्रभावित कर रहे हैं और इसका सबसे बड़ा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है।

जी स्टूडियोज और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज के बैनर तले बनी यह फिल्म सागर बी. शिंदे द्वारा लिखी और निर्मित की गई है। यह फिल्म 24 जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में रिलीज की जाएगी।

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