June 27, 2026
National

‘फ्लाइट पॉलिटिक्स’ : उद्धव ठाकरे ने प्लेन में सीएम फडणवीस के साथ ‘हाई लेवल’ बातचीत के दिए संकेत

‘Flight Politics’: Uddhav Thackeray hints at ‘high-level’ talks with CM Fadnavis on board the plane.

27 जून । महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले दो दिनों से चल रही अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हाल ही में हुई यात्रा को लेकर पहली बार चुप्पी तोड़ी और संकेत दिया कि दोनों नेताओं के बीच विमान में ‘हाई लेवल’ बातचीत हुई थी, जिसके नतीजे आने वाले दिनों में सामने आएंगे।

दरअसल, शुक्रवार को उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे, वरिष्ठ नेता संजय राउत और अनिल देसाई के साथ मुंबई से नागपुर जा रहे थे। संयोग से उसी कमर्शियल फ्लाइट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की इस अचानक मुलाकात ने महाराष्ट्र की सियासत में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया था।

शनिवार को यवतमाल दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में उद्धव ठाकरे ने कहा, “फ्लाइट में मुख्यमंत्री के साथ हमारी हाई-लेवल चर्चा हुई। शुक्रवार की बैठक में क्या बात हुई और क्या फैसला हुआ, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।”

उद्धव ठाकरे इस समय वाशिम-यवतमाल संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं, जो बागी नेता संजय देशमुख का क्षेत्र माना जाता है। शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद यह उनका पहला बड़ा जनसंपर्क अभियान है।

मीडिया से बातचीत के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, “जब कैमरा ऊपर उठता है तो उसकी रोशनी आंखों में पड़ती है और आंखों से आंसू निकल आते हैं। फिर लोग कह देते हैं कि उद्धव ठाकरे भावुक हो गए।”

बागी सांसदों पर हमला बोलते हुए उन्होंने उनके इस दावे को खारिज कर दिया कि विकास कार्यों के लिए फंड नहीं मिलने की वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ी। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि जिन ‘फंड’ की बात की जा रही है, वह दरअसल दल बदलने के लिए दिया गया पैसा था।

उन्होंने पहले चर्चित रहे ’50 खोखे’ वाले नारे का जिक्र करते हुए कहा, “विदर्भ में बैल पोला पर्व के दौरान बैलों पर भी ’50 खोखे’ लिखे गए थे। तब विधायकों को 50 करोड़ रुपए मिले थे, अब सोचिए सांसदों को कितना मिला होगा।”

उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये सभी सांसद उनके प्रचार की बदौलत चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “मैंने इनके लिए प्रचार किया, लोगों से वोट मांगे और मेरी अपील पर ये चुनाव जीते। आज वही लोग भूल गए कि उन्हें जनता ने मेरे भरोसे जिताया था।”

उन्होंने कहा कि उनका दौरा पुराने और वफादार शिवसैनिकों से दोबारा जुड़ने और उन मतदाताओं से माफी मांगने के लिए है, जिन्होंने शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के नाम पर इनको वोट दिया था।

उद्धव ठाकरे ने कहा, “मतदाताओं ने उम्मीदवार का चेहरा नहीं देखा, बल्कि शिवसेना, बालासाहेब ठाकरे और हमारी मशाल चुनाव चिन्ह पर भरोसा करके वोट दिया। मैं उन्हीं मतदाताओं से माफी मांगने निकला हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनके दौरे की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि जिन सांसदों को उनकी वजह से जीत मिली, वे आज ‘गारंटी वाली कीमत’ यानी कथित सौदेबाजी का फायदा उठा रहे हैं, जबकि राज्य के किसानों को आज भी न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

उद्धव ठाकरे ने हाल के दिनों में पत्रकारों के साथ हुई कथित अभद्रता पर भी नाराजगी जताई और लोकसभा सांसद संजय दीना पाटिल का नाम लेते हुए कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।

उन्होंने कहा, “शिवसैनिक और पत्रकार हमेशा मेरे साथ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, उससे मुझे शर्म महसूस होती है। ये लोग इतने समय तक मेरे साथ रहे, लेकिन मुखौटा पहनकर रहे। गुस्सा जाहिर किया जा सकता है, लेकिन पत्रकारों का अपमान करना और उन्हें गालियां देना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।”

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