लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमदित्य सिंह ने रविवार को मंडी जिले के कोट तुंगल ग्राम पंचायत के अंतर्गत कुन का तार में लगभग 12.09 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, और ग्रामीण बुनियादी ढांचे और संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मंत्री जी ने ब्यास नदी पर बने नवनिर्मित बेली सस्पेंशन ब्रिज का लोकार्पण किया, जिसकी लागत 8.25 करोड़ रुपये है। पिछला पुल 2023 की विनाशकारी बाढ़ में बह गया था, जिससे क्षेत्र में संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उम्मीद है कि यह नया पुल जोगिंदरनगर, मंडी सदर और द्रांग विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा बहाल करेगा, साथ ही आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने 2.76 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 5.5 किलोमीटर लंबी जबलाही नाला-बरनोटा-कडकोह सड़क और 1.08 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई राष्ट्रीय राजमार्ग-003 को सतहान से जोड़ने वाली 2 किलोमीटर लंबी सड़क का भी उद्घाटन किया।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेहतर सड़क संपर्क, उन्नत परिवहन सुविधाओं और रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने घोषणा की कि सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कुन-जोगिंदरनगर सड़क के उन्नयन हेतु एक नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोटली होते हुए मंडी-जोगिंदरनगर मार्ग पर बस सेवाएं शीघ्र ही बहाल कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) को जल्द से जल्द परिचालन शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकार द्वारा अवसंरचना विकास पर दिए जा रहे विशेष ध्यान को रेखांकित करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि राज्य भर में नई सड़कों, पुलों और सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा सड़क नेटवर्क के उन्नयन और रखरखाव का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण, परियोजनाओं का समय पर पूरा होना, नियमित रखरखाव और सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताएं बनी हुई हैं।
मंत्री ने आगे घोषणा की कि थाना पालौन विद्युत परियोजना को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत आवश्यक मंजूरी मिल गई है, जिससे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित भुभु जोत सुरंग को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। पूरा होने पर, इस सुरंग से यात्रा का समय काफी कम होने, क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने और रणनीतिक एवं रक्षा अवसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अपनी यात्रा के दौरान, विक्रमदित्य ने कोटली विश्राम गृह और कुन में निवासियों से बातचीत की, जनता की शिकायतें सुनीं और कई मुद्दों का मौके पर ही समाधान किया। कोटली प्रेस क्लब के सदस्यों ने भी मंत्री जी का सम्मान किया और मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार किए जाने का आश्वासन दिया।


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