June 29, 2026
National

नवजात और बच्चों की देखभाल के लिए बड़ा कदम: जेपी नड्डा लॉन्च करेंगे समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

Major step for newborn and child care: JP Nadda to launch comprehensive infant and child health programme.

सरकार देश में नवजात शिशु और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के16वें सम्मेलन के दौरान ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ आरंभ करेंगे।

यह हर बच्चे के लिए व्यापक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को आगे बढ़ाने में बड़ी उपलब्धि होगी। इसके तहत जन्म से लेकर 36 महीने की उम्र तक घर और समुदाय-आधारित देखभाल की निर्बाध व्यवस्था प्रदान की जाएगी। ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ ‘पहले तीन साल संपूर्ण देखभाल’ के विजन को आगे बढ़ाएगा, जो बच्चे के जीवित रहने, विकास, पोषण और शुरुआती मस्तिष्क विकास के लिए जीवन के पहले तीन वर्षों के महत्व को पहचानता है।

‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ एकीकृत राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा जो समुदाय-आधारित दो प्रमुख कार्यक्रमों—’घर पर नवजात शिशु की देखभाल’ और ‘छोटे बच्चों की घर पर देखभाल’ को एक ही व्यापक ढांचे में मिला देगा। इन कार्यक्रमों को एकीकृत करके, ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ जन्म से लेकर जीवन के पहले तीन वर्षों तक देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करेगा और एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से बच्चे के जीवित रहने, पोषण, स्वस्थ विकास और शुरुआती बचपन के विकास को मजबूत करेगा।

पहली बार, यह कार्यक्रम उन नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए जोखिम-आधारित तरीका अपनाएगा जिनकी पहचान ‘जोखिम वाले’ बच्चों के तौर पर की गई है। इन बच्चों के जोखिम के स्तर के आधार पर अतिरिक्त होम विजिट के जरिए ज्यादा गहन फाॅलो-अप किया जाएगा।

यह कार्यक्रम आशा, एएनएम, सीएचओ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त होम विजिट के जरिए देखभाल की निरंतरता को और मजबूत करेगा। यह ‘जोखिम वाले’ बच्चों की शुरुआती पहचान, आकलन और प्रबंधन के लिए हर ‘ ग्राम स्वास्थ्य , स्वच्छता और पोषण दिवस’ (वीएचएसएनडी) पर ‘वेल-बेबी सेशन’ और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हर महीने ‘शिशु शिविर’ भी शुरू करेगा।

‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ में समुदाय-आधारित देखभाल के व्यवस्थित हिस्से के तौर पर प्रसव के बाद मां के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग शामिल होगी। साथ ही, यह बच्चों की देखभाल करने वालों के सही व्यवहार, शुरुआती सीखने, उम्र के हिसाब से खेल-कूद, बच्चे की सुरक्षा और परिवार की भागीदारी को बढ़ावा देकर सभी होम विजिट और कम्युनिटी कॉन्टैक्ट्स में शुरुआती बचपन के विकास (ईसीडी) के लिए जरूरी देखभाल को भी शामिल करेगा।

यह कार्यक्रम निगरानी और देखभाल की निरंतरता को मजबूत करने के लिए डिसीजन-सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस), चाइल्ड ट्रैकिंग एप्लिकेशन, रेफरल लूप और अलर्ट मैकेनिज्म जैसी डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करेगा। यह झुग्गी-बस्तियों, प्रवासी और कम सुविधा वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रणनीतियों के जरिए शहरी इलाकों में घर पर दी जाने वाली देखभाल की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

कार्यक्रम से संबंधित दिशानिर्देश डिजिटल युग की नई चुनौतियों का भी समाधान करेंगे। इसके तहत जीवन के शुरुआती तीन वर्षों में उम्र के हिसाब से खेल-कूद, शारीरिक गतिविधि और मानसिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही ज्यादा स्क्रीन टाइम और कम शारीरिक मेल-जोल का दिमाग के विकास, भावनात्मक स्वास्थ्य और सामाजिक कौशल पर पड़ने वाले बुरे असर को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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