भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स के तहत स्पीयर हेड डिवीजन के जवानों ने सोमवार को असम के धेमाजी जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों से 27 फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह राहत और बचाव अभियान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जिला प्रशासन के साथ मिलकर चलाया गया।
सेना के अनुसार, यह बचाव अभियान धेमाजी जिले के अरुण चापोरी गांव में चलाया गया, जहां लगातार बारिश और अचानक पानी का स्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए और लोग फंस गए थे। आपात स्थिति की सूचना मिलते ही सेना के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और खराब मौसम तथा कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य शुरू किया। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
यह अभियान एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के साथ मिलकर समन्वित तरीके से चलाया गया, ताकि बचाव कार्य समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके। सेना की टीमों ने निकाले गए लोगों को तुरंत राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान भारतीय सेना की तैयारियों और प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिक प्रशासन की मदद करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने तेजी से काम करते हुए नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। सेना ने कहा कि ऐसे राहत और बचाव अभियान उसकी जिम्मेदारियों का अहम हिस्सा हैं, जो देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आपदाओं में लोगों की मदद भी करते हैं।
सेना ने कहा, ”सेवा की कोई सीमा नहीं होती, मानवता हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” यह अभियान ऐसे समय में हुआ है जब असम में भारी बारिश के कारण एक बार फिर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 7 जिलों में 45,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है।
सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत कार्य जारी रहेगा।


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