केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश की वजह से मंगलवार को कुदरत का कहर टूट पड़ा। वायनाड की त्रासदी को लेकर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “वायनाड की त्रासदी ने केरल को बुरी तरह झकझोर दिया है। बचाव कार्य जोरों पर चल रहे हैं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार सभी घायलों के लिए हर संभव इलाज सुनिश्चित करेगी।”
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “कल कैबिनेट की बैठक के बाद, मैं वायनाड के लिए रवाना होऊंगा और दोपहर करीब 1 बजे भूस्खलन से प्रभावित मीनाक्षी ब्रिज का दौरा करूंगा। हम इस आपदा से प्रभावित हर परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। पूरा केरल, वायनाड के साथ एकजुट है।”
बता दें कि बीते दिन मंगलवार को केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में चार प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा। जानकारी के अनुसार, सुरंग निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा अचानक ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में नौ लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बीते दिन बताया था कि हादसे में जान गंवाने वाले तीन प्रवासी श्रमिकों के शव मलबे से निकाले गए और उनका पोस्टमार्टम वैथिरी तालुक अस्पताल में पूरा कर लिया गया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया को तेज करने के लिए सुल्तान बथेरी तालुक अस्पताल से सर्जन को भी बुलाया गया था।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से विस्थापित लोगों के लिए मेप्पाडी पॉलिटेक्निक में राहत शिविर बनाया गया है। यहां 42 परिवारों के 142 लोगों को ठहराया गया है। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


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