July 9, 2026
National

राम जन्मभूमि ट्रस्ट के धन में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

Plea filed in Supreme Court seeking probe into alleged irregularities in Ram Janmabhoomi Trust’s funds.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दाखिल की गई है।

याचिका में मांग की गई है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के धन में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि दान के रूप में प्राप्त धनराशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि अदालत राम जन्मभूमि ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को ट्रस्ट की धनराशि एवं संपत्तियों की निगरानी के लिए मजबूत ऑडिट और जांच व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दे, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।

इसके अलावा याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं। इनमें बैंक खातों का विवरण, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य संबंधित अभिलेख शामिल हैं।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को मामले से जुड़े रिकॉर्ड अथवा सबूतों को नष्ट करने, हटाने या उनमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने से रोका जाए।

बता दें कि इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजानिक की जा चुकी है। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक भी हुई, जिसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी सामने आई। वहीं, अयोध्या पुलिस ने भी कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच कर रही है, लेकिन अयोध्या के वकील नाराज है। वकीलों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।

वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी शिकायत पर एफआईआर नहीं दर्ज होती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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