July 9, 2026
National

कोलकाता : तारातला वेयरहाउस मामले में सामने आई खामियां, केएमसी की जांच में खुलासा

Kolkata: Lapses revealed in Taratala warehouse case; KMC probe uncovers details.

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की आंतरिक जांच में खुलासा हुआ है कि दक्षिण कोलकाता के तारातला में स्थित तीन मंजिला गोदाम के निर्माण की अनुमति अनिवार्य मिट्टी परीक्षण (सॉयल टेस्ट) रिपोर्ट जमा होने से पहले ही दे दी गई थी। पिछले महीने इस गोदाम के ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि निर्माण कार्य के दौरान भवन की अनिवार्य संरचनात्मक डिजाइन (स्ट्रक्चरल डिजाइन) का उचित दस्तावेजीकरण नहीं किया गया था। अधिकारी के अनुसार, घटना के बाद विभिन्न दस्तावेजों की जांच करने पर कई प्रक्रियागत खामियां सामने आई हैं। साथ ही, जादवपुर यूनिवर्सिटी के संरचनात्मक विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति ने भी पाया है कि भवन के डिजाइन में कई मूलभूत खामियां थीं।

केएमसी के सूत्र ने दावा किया कि जांच के विभिन्न स्तरों पर पूर्व कोलकाता मेयर फिरहाद हाकिम के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) कालीचरण बंदोपाध्याय की कथित भूमिका भी सामने आ रही है। सूत्र के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिसके कारण जरूरी दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया के पूरा होने से पहले ही गोदाम निर्माण की अनुमति दे दी गई।

इस बीच, मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गोदाम हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की। राज्य सचिवालय स्थित नवान्न सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले 16 श्रमिकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए के चेक सौंपे। वहीं, दुर्घटना में घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई।

गौरतलब है कि 24 जून को दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई थी। हादसे के समय कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

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