July 13, 2026
National

सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस पर सरकार कराएगी ऑनलाइन प्रतियोगिताएं, देशवासियों को किया आमंत्रित

Government to host online competitions on CRPF’s 88th Raising Day; citizens invited to participate.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 88वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देशव्यापी ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सरकार ने आम नागरिकों को ‘सेवा और निष्ठा की गौरवशाली विरासत’ थीम पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज, शॉर्ट वीडियो प्रतियोगिता और नागरिक प्रतिज्ञा अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

भारत सरकार से जुड़े ‘माई जीओवी’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया है, “भारत के गौरव की रक्षा करने वाली वीरता। ‘माई जीओवी’ के साथ सीआरपीएफ की 88वीं वर्षगांठ (सेवा और निष्ठा की विरासत) मनाएं और सीआरपीएफ के निडर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। भारत की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में उनके बेमिसाल साहस, अटूट संकल्प और निस्वार्थ सेवा का सम्मान करने वाली गतिविधियों में भाग लें।”

इसके साथ ही, ‘माई जीओवी’ की वेबसाइट का एक लिंक शेयर किया गया है, जिसके जरिए प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। इसके साथ ही, सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस समारोह के बारे में जानकारी दी गई है।

इसमें देश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा गया है, “आइए, भारत के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सीआरपीएफ की 88 साल की गौरवशाली विरासत का जश्न मनाने में हमारे साथ जुड़ें। 27 जुलाई 1939 को स्थापित यह बल ‘सेवा और निष्ठा’ के आदर्शों से प्रेरित है। दशकों के दौरान, सीआरपीएफ एक मजबूत संगठन और भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बना है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करता है।”

आगे कहा गया है, “अपने व्यापक परिचालन व प्रशासनिक नेटवर्क, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और कोबरा विशेष इकाइयों, और कठिन से कठिन परिस्थितियों में कार्यरत समर्पित कर्मियों के साथ सीआरपीएफ ने आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शांतिपूर्ण चुनाव कराने, मानवीय सहायता देने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।”

इसका गौरवशाली इतिहास 2,270 बहादुर जवानों के बेमिसाल साहस, प्रतिबद्धता और सर्वोच्च बलिदान से रोशन है, जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान कर दी। उनका निस्वार्थ समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है और उस कर्तव्य-भावना का प्रतीक है जो सीआरपीएफ की पहचान है।

इस ऐतिहासिक मौके को मनाने के लिए, हम सभी क्षेत्रों के नागरिकों को रोमांचक प्रतियोगिताओं, क्विज और ‘नागरिक प्रतिज्ञा’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। सीआरपीएफ के बहादुर जवानों के सम्मान में हमारे साथ शामिल हों, अपनी रचनात्मकता दिखाएं, अपने ज्ञान को परखें और उस बल के प्रति अपना आभार व्यक्त करें जो भारत की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए अडिग खड़ा है।”

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