पड़ोसी फतेहपुर उपमंडल की टाकोली-घिरथन पंचायत के अंतर्गत आने वाले सरेला गांव के निवासी विक्रम राणा, 7 जुलाई को केरल के वायनाड जिले में एक सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में फंसने के पांच दिन बाद शनिवार को भी लापता रहे।
उनके भाई प्रमोद राणा और कुलवंत राणा, जो घटना के एक दिन बाद बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे थे, अभी भी वहीं मौजूद हैं और उनके बारे में खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
प्रमोद ने फोन पर बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के साइट इंजीनियर राहुल शर्मा समेत तीन शव बरामद करने के बाद, बचाव दल ने शुक्रवार सुबह एक और शव बरामद किया। मृतक निर्माण कंपनी का कर्मचारी था और पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। उसका शव भूस्खलन स्थल के पास एक जलमग्न नाले में मिला।
प्रमोद ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, केरल पुलिस और एनजीओ जीवन रक्षक के स्वयंसेवकों सहित चार टीमों ने खराब मौसम के बावजूद बचाव और खोज अभियान जारी रखा। उन्होंने कहा कि भूस्खलन स्थल के पास नाले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन उनके भाई का कोई सुराग नहीं मिला।
उन्होंने आगे कहा कि नाले में असफल खोज के बाद, टीमों ने शुक्रवार शाम को खुदाई करने वाली मशीनों, जेसीबी और बुलडोजर सहित भारी मशीनरी का उपयोग करके घटनास्थल से भूस्खलन के मलबे को हटाना शुरू कर दिया।
प्रमोद ने चल रहे बचाव प्रयासों के लिए स्थानीय प्रशासन और केरल सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केरल के कृषि मंत्री टी सिद्दीकी पिछले पांच दिनों से खोज अभियान की निगरानी के लिए घटनास्थल पर तैनात हैं।


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