सोमवार रात यमुनानगर जिला पुलिस की सीआईए-II टीम के साथ मुठभेड़ के दौरान एक जौहरी की लूट में कथित तौर पर शामिल तीन संदिग्धों को गोली लग गई।
घायलों की पहचान करनाल जिले के इंद्री उपमंडल के पथेरा गांव के रवि और सोनीपत जिले के खेरी तागा गांव के सतबीर और पवन उर्फ पुन्ना के रूप में हुई है। तीनों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए यमुनानगर के मुकुंद लाल जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चौथा संदिग्ध प्रवीण, जो खेरी तागा गांव का ही निवासी है, को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह लूट 4 जुलाई की रात को रादौर कस्बे के मुख्य बाजार में हुई। एक जौहरी अपनी दुकान बंद कर रहा था और उसके पास लगभग 4 लाख रुपये नकद से भरा एक बैग था, तभी हथियारबंद हमलावरों ने उस पर हमला किया और पैसे लेकर फरार हो गए।
इस मामले के सिलसिले में पुलिस ने पहले करनाल जिले के पथेरा गांव के संदीप और पाधा गांव के नीरज को गिरफ्तार किया था। 11 जुलाई को जगाधरी की एक अदालत में पेश किए जाने के बाद दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि हिरासत में पूछताछ के दौरान संदीप ने कथित तौर पर डकैती में शामिल अन्य आरोपियों के नाम बताए।
पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि सीआईए-II टीम ने सोमवार रात नहर के पुल के पास जाल बिछाया, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस पर गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रवि, सतबीर और पवन के पैरों में गोली लगी।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले ही इनाम की घोषणा की जा चुकी थी। अब आरोपियों से अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियारों, मोटरसाइकिल, लूटी गई नकदी को बरामद करने और डकैती में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए पूछताछ की जा रही है।


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