July 16, 2026
National

छत्तीसगढ़ सरकार का दावा, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में आई कमी

Chhattisgarh government claims a decline in crimes against women and children.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान तीखी बहस हुई, जब कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर चिंता जताई। संगीता सिन्हा ने सरकार से जनवरी 2023 और जून 2026 के बीच पुलिस स्टेशनों में दर्ज रेप, छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के मामलों की जानकारी मांगी।

जवाब में गृह मंत्री विजय शर्मा ने दावा किया कि पिछली सरकार की तुलना में ऐसे मामलों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में 18,323 मामले सामने आए थे, जबकि मौजूदा सरकार ने उसी अवधि में लगभग 16,000 मामले दर्ज किए हैं। कांग्रेस विधायक ने बीच में हस्तक्षेप किया और मंत्री के दावे को गलत साबित करने के लिए जिलेवार और साल-दर-साल के आंकड़े पेश किए।

उन्होंने बताया कि छेड़छाड़ के मामले 2024 में 3,096, 2025 में 3,070 और 2026 के शुरुआती पांच महीनों में 1,550 थे। बच्चों के अपहरण के मुद्दे पर, जिसे उन्होंने बहुत गंभीर मामला बताया, उन्होंने चिंताजनक बढ़ोतरी की ओर इशारा किया। 2023 में 2,300 मामले, 2024 में 2,961, 2025 में 3,040 और 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ही 1,746 मामले।

उन्होंने चेतावनी दी कि साल के आखिर तक यह आंकड़ा 3,500 को पार कर सकता है। राज्य के गृह मंत्री ने सदन को बताया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में महिलाओं के लिए खास 13 पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं। हर जिले में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट बनाई गई हैं, 124 पुलिस स्टेशनों को बच्चों के अनुकूल बनाया गया है, और स्कूलों व कॉलेजों में गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ‘अभिव्यक्ति’ ऐप, डायल-112 और पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी भरोसा कर रही है।

उन्होंने माना कि इन उपायों के बावजूद, यौन अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई है। सत्र के दौरान कस्टडी में होने वाली मौतों के बारे में भी चिंताजनक आंकड़े सामने आए।गृह मंत्री ने सदन को बताया कि 2021 से 25 जून 2026 के बीच जेलों में 375 मौतें हुईं। 373 मामलों में मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए गए थे, जिनमें से 311 रिपोर्ट मिल चुकी हैं, जबकि 62 अभी भी लंबित हैं।

जुलाई 2025 और जून 2026 के बीच अपहरण के मामलों में भी तेजी देखी गई, जिसमें रायपुर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई। संख्या 524 से बढ़कर 634 हो गई। प्रमुख जिलों में हत्या और डकैती के मामलों में मिले-जुले रुझान देखे गए।

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