July 21, 2026
National

कर्नाटक कैबिनेट के विस्तार पर दिल्ली में मंथन तेज, जल्द हो सकता है मंत्रियों के नाम का ऐलान

Deliberations on the Karnataka cabinet expansion intensify in Delhi; names of ministers could be announced soon.

कर्नाटक में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य सिद्दारमैया तथा कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में कांग्रेस हाईकमान के साथ महत्वपूर्ण बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, डीके शिवकुमार फिलहाल दिल्ली में ही रुकेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे कांग्रेस नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों में शामिल होंगे, जहां नए मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। संभावना है कि बुधवार तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और इस सप्ताह के अंत तक कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

3 जून को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से ही कैबिनेट विस्तार लंबित है। इस बीच कई वरिष्ठ और युवा कांग्रेस नेता मंत्री पद के लिए सक्रिय रूप से दावेदारी कर रहे हैं। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि जैसे ही कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी मिलेगी, कैबिनेट विस्तार तुरंत किया जाएगा। उन्होंने कहा, “राज्य के नेता दिल्ली गए हैं। सूची को मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल से समय लिया जाएगा और उसके बाद नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।”

जी. परमेश्वर ने यह भी संकेत दिया कि इस बार कांग्रेस नेतृत्व युवा नेताओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर जोर देती रही है और इस बार भी यही नीति अपनाई जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, मंत्री पद की दौड़ में टीबी जयचंद्र, एचसी बालकृष्ण, शिवलिंगे गौड़ा, एन. चेलुवरायस्वामी, गुब्बी वासु और युवा नेता शरत बच्छे गौड़ा प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। इसके अलावा अशोक पटन, लक्ष्मण सावदी, बसवराज रायारेड्डी, विजयानंद काशप्पनावर, अप्पाजी नाडागौड़ा, हम्पाना गौड़ा बदरली और लक्ष्मी हेब्बालकर के नाम भी चर्चा में हैं।

अल्पसंख्यक समुदाय से रिजवान अरशद, जमीर अहमद खान, तनवीर सैत, सलीम अहमद और कनीज फातिमा के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि विस्तारित मंत्रिमंडल में इस समुदाय से तीन नेताओं को जगह मिल सकती है। महिला नेताओं में आरती कृष्णा, कनीज फातिमा, लक्ष्मी हेब्बालकर, उमाश्री और युवा चेहरा मानी जा रहीं नयना मोटम्मा के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।

इसके अलावा एएस पोनन्ना (कोडावा समुदाय), एचसी महादेवप्पा, रघु मूर्ति, और कम्पली गणेश जैसे नेताओं के नाम भी विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए चर्चा में हैं। वरिष्ठ नेताओं दिनेश गुंडू राव, आर.वी. देशपांडे और एचके पाटिल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कुछ नेताओं को विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पदों पर नियुक्त किए जाने की भी चर्चा है।

फिलहाल कर्नाटक मंत्रिमंडल में 20 मंत्री पद अभी भी खाली हैं, जिसे लेकर विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान जल्द फैसला लेकर लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप दे सकता है।

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