July 23, 2026
National

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

Shocking report: Lifespan has increased, but not the years spent in good health; Americans are living 14 years with illness.

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात ‘द लैंसेट पब्लिक हेल्थ’ में प्रकाशित अध्ययन ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से 2023 के बीच दुनिया के लगभग सभी देशों में लोगों के स्वस्थ जीवन और कुल जीवन के बीच का अंतर बढ़ा है। इसे मॉर्बिडिटी गैप (स्वास्थ्य असमानता) कहा जाता है, यानी व्यक्ति अपनी जिंदगी के कितने साल खराब स्वास्थ्य के साथ बिताता है। 1990 में यह अंतर औसतन 8.8 साल था, जो 2023 में बढ़कर 10.7 साल हो गया। इसका मतलब है कि आज लोग पहले की तुलना में लगभग दो साल ज्यादा बीमारी या किसी न किसी शारीरिक परेशानी के साथ जी रहे हैं।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि 1990 में वैश्विक औसत जीवन प्रत्याशा 64.6 साल थी, जो 2023 में बढ़कर 73.8 साल हो गई। वहीं स्वस्थ जीवन प्रत्याशा 55.9 साल से बढ़कर 63.1 साल पहुंची। यानी लोगों की उम्र तो लगभग नौ साल बढ़ी, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ रहने के साल सिर्फ सात साल ही बढ़ पाए। यही वजह है कि बीमारी के साथ बिताए जाने वाले साल लगातार बढ़ रहे हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अब सिर्फ लोगों की उम्र बढ़ाना ही काफी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि लोग ज्यादा समय तक स्वस्थ भी रहें। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) के निदेशक और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डॉ. क्रिस्टोफर जे.एल. का कहना है कि भविष्य में स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य केवल लंबी जिंदगी नहीं, बल्कि बेहतर और स्वस्थ जिंदगी होना चाहिए। इसके लिए बीमारियों की रोकथाम, लंबे समय तक इलाज की बेहतर व्यवस्था और पुरानी बीमारियों के प्रभावी प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

रिपोर्ट में एक और दिलचस्प बात सामने आई है। जिन देशों में लोग सबसे ज्यादा उम्र तक जीते हैं, वहीं बीमारी के साथ बिताए जाने वाले साल भी सबसे ज्यादा हैं। 2023 में अमेरिका में मॉर्बिडिटी गैप सबसे अधिक 14 साल दर्ज किया गया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में 13.9 साल और कनाडा में 13.7 साल का अंतर रहा। इन देशों के लोग लंबी जिंदगी तो जी रहे हैं, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा किसी न किसी बीमारी या दिव्यांगता के साथ बीत रहा है।

महिलाओं को लेकर भी रिपोर्ट ने अहम जानकारी दी है। दुनिया के हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा लंबी उम्र जीती हैं, लेकिन उन्हें बीमारी के साथ भी ज्यादा साल बिताने पड़ते हैं। 2023 में महिलाओं का औसत मॉर्बिडिटी गैप 12.1 साल रहा, जबकि पुरुषों में यह 9.3 साल था। आईएचएमई की वरिष्ठ वैज्ञानिक लेखिका और अध्ययन की सह लेखिका कैथरीन बिसिग्नानो का कहना है कि महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन बीमारियों और जोखिमों पर पहले से काम करना होगा, जो लंबे समय तक चलने वाली तकलीफों की वजह बनते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में खराब स्वास्थ्य के सबसे बड़े कारण मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी बीमारियां हैं, जिनमें कमर दर्द सबसे ऊपर है। इसके बाद अवसाद और चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होना, गिरने से होने वाली चोटें और अन्य गैर-संचारी बीमारियां प्रमुख कारण हैं। इन बीमारियों की वजह से लोग लंबे समय तक सामान्य जीवन नहीं जी पाते।

शोध में यह भी पाया गया कि कई जोखिम ऐसे हैं जिन्हें सही जीवनशैली अपनाकर काफी हद तक कम किया जा सकता है। इनमें हाई ब्लड शुगर, बढ़ता मोटापा, तंबाकू का सेवन और बच्चों तथा माताओं में कुपोषण प्रमुख हैं।

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