अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव अनिल चौधरी ने आज कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने देश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं को प्रभावित किया है। हरौली विधानसभा क्षेत्र के बढेड़ा गांव स्थित हिमकेप्स कॉलेज ऑफ लॉ एंड नर्सिंग में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-हितैषी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
चौधरी ने कहा, “सालों की मेहनत के बावजूद परीक्षाएं रद्द होने या भर्ती प्रक्रिया ठप रहने पर युवाओं में निराशा का बढ़ना स्वाभाविक है।” उन्होंने कहा कि आज के युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और योग्यता आधारित रोजगार के अवसर चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की चिंताओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इसका असर देश के भविष्य पर पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान महज एक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश भर के छात्रों की चिंताओं को सुनने और उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने का एक मंच है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कॉलेज सुविधाओं और नौकरी के अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
बाद में, मीडियाकर्मियों से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र बार-बार लीक हुए हैं और सरकारी रिपोर्टों के अनुसार लगभग 7 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने में विफल रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने विरोध कर रहे युवाओं की आवाज को दबाने के लिए “बल प्रयोग” किया, जिसे उन्होंने अलोकतांत्रिक कृत्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कथित अपमान को लेकर भाजपा की आलोचना भी की।
इसी बीच, ऊना युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग के विरोध में प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।


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