August 3, 2026
Punjab

आप ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विद्यार्थियों और युवाओं की जीत बताया किया स्वागत

You welcomed Dharmendra Pradhan’s resignation, describing it as a victory for students and the youth.

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 25 जुलाई | आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया। पार्टी ने इसे लाखों छात्रों और युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया, जो लगातार पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भाजपा की केंद्र सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ रहे थे।

इससे पहले दिन में, आप ने केंद्र की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ ‘थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ’ नारे के साथ पूरे पंजाब में राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किए थे। आप के मंत्री, सांसद, विधायक, पदाधिकारी और हजारों पार्टी कार्यकर्ता छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हर जिले में सड़कों पर उतरे और बार-बार पेपर लीक होने और देश के भर्ती और शिक्षा सिस्टम के चरमराने पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा शक्ति का एक बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी को इसे जल्द से जल्द स्वीकार कर लेना चाहिए। आखिरकार, भाजपा ने युवाओं की ज़िद के आगे घुटने टेक दिए। उम्मीद है, इससे शिक्षा प्रणाली का पुनर्गठन करने, पेपर लीक की समस्या को हल करने जैसे बड़े सुधार और विद्यार्थियों के लिए बड़े बदलाव होंगे। इंकलाब ज़िंदाबाद।”

इस दौरान, आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने इस्तीफे को करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र तथा अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के अधिकार में विश्वास रखने वाले हर उस नागरिक की ऐतिहासिक जीत करार दिया।

आप सांसद ने पुलिस कार्रवाई और धक्केशाही का सामना करने के बावजूद आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार ने डेमोक्रेटिक आंदोलन को दबाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन विद्यार्थियों की हिम्मत और एकता ने आखिरकार केंद्र को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया, कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, और यहां तक कि प्रदर्शनकारियों के खाने-पीने के इंतज़ाम में भी रुकावट डालने की कोशिश की गई। इन सभी मुश्किलों के बावजूद, विद्यार्थी एकजुट रहे और सरकार को कार्रवाई करने केलिए मजबूर होने तक अपना शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखा।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ इस्तीफ़ा काफ़ी नहीं होगा। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और पेपर लीक की समस्या को खत्म करने के लिए देश की परीक्षा और भर्ती प्रणाली में पूरी तरह बदलाव की मांग की, जिसने लाखों युवाओं के भविष्य और उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है।

मालविंदर सिंह कंग ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को तानाशाही रवैया अपनाने के खिलाफ़ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर केंद्र सरकार विद्यार्थियों, किसानों, कर्मचारियों और समाज के दूसरे तबकों की आवाज़ों को नज़रअंदाज़ करती रही, तो लोग एक बार फिर लोकतंत्र की रक्षा और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे।”

विद्यार्थियों और युवाओं के प्रति अपना वादा दोहराते हुए आप ने कहा कि जब तक देश की शिक्षा प्रणाली पारदर्शी, निष्पक्ष और जबाबदेह नहीं बन जाता, तब तक वह सड़क से लेकर संसद तक उनके मुद्दे उठाती रहेगी।

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