पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को बताया कि पंजाब पुलिस ने हरियाणा स्थित एक अंतरराज्यीय नकल गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका नेतृत्व भिवानी का एक सरगना कर रहा था। आरोप है कि इस गिरोह ने बीएफयूएचएस फरीदकोट फार्मेसी परीक्षा में नकल कराने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई से हरियाणा के संगठित नकल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और पेपर लीक के आरोपों का खंडन हुआ है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने इस गिरोह को वर्षों तक फलने-फूलने दिया और कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली को बदनाम नहीं होने देगी, जो “उड़ता पंजाब” से “पर्दा पंजाब” में बदल चुकी है।
यहां पेडा कॉम्प्लेक्स में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली पारदर्शिता और योग्यता पर आधारित है, जबकि हरियाणा में वर्षों से चल रहे संगठित परीक्षा धोखाधड़ी रैकेट के बावजूद इसे रोकने में विफलता मिली है। उन्होंने आगे कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री अन्य राज्यों में राजनीतिक एजेंडा तय करने में व्यस्त हैं, लेकिन अपने ही राज्य के छात्रों के भविष्य की रक्षा करने के लिए उनके पास समय नहीं है।”
पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा, “हरियाणा पुलिस नकल करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही। पंजाब पुलिस ने ही बीएफयूएचएस फरीदकोट फार्मेसी परीक्षा में नकल का मामला सुलझाया, जिसकी जांच से भिवानी के एक सरगना का पता चला। इसके बावजूद पंजाब को बदनाम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
हरियाणा सरकार को संदेश देते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “कागजी लीक का धंधा विदेश भेजना बंद करो और अपने घर की समस्याओं को सुलझाना शुरू करो। पंजाब में धोखाधड़ी के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस है। हम इसमें शामिल हर एक व्यक्ति को पकड़ेंगे। पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करना बंद करो।”
भिवानी को संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का केंद्र बताते हुए बैंस ने कहा, “भिवानी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि धोखाधड़ी की फैक्ट्री बन गया है। इन्होंने हरियाणा के उन हजारों युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया जो नौकरी, दाखिले और प्लेसमेंट के हकदार थे। अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करने के बाद, ये पंजाब आकर अपना अवैध धंधा बढ़ाने लगे। सैनी सरकार का यही मॉडल है, पहले अपनों को बर्बाद करो और फिर दूसरों को जहर दो।”
शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह गिरोह हरियाणा से प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरवाकर और नकल कराने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करके काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि आरोपी माइक्रोचिप वाले उपकरणों में बदले गए केचाउदा (K33) फोन, गुप्त संचार उपकरण और अन्य उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल करके अपना नेटवर्क चला रहे थे। उन्होंने कहा, “इस गिरोह का सरगना हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है। ये सरगना कई सालों से वहीं सक्रिय थे। जब उनके अपने राज्य ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे पंजाब में घुस गए और अपना धंधा बढ़ा दिया।”


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