स्थानीय गैर सरकारी संगठन रणजीत बख्शी जन कल्याण फाउंडेशन ने नूरपुर के 200 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में बिगड़ती स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की लंबे समय से चली आ रही कमी पर चिंता व्यक्त की है। फाउंडेशन के निदेशक अखिल बख्शी ने बुधवार को मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय जन प्रतिनिधि बढ़ते स्वास्थ्य संकट को हल करने के बजाय सिविल अस्पताल और मातृ एवं शिशु अस्पताल को लेकर राजनीति कर रहे हैं। बख्शी ने दावा किया कि स्थानीय विधायक और रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष रणबीर सिंह पिछली बैठक में किए गए चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, त्वचा रोग विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ पद अभी भी रिक्त हैं, जिससे मरीजों की देखभाल और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
बख्शी ने 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल को चालू करने की लंबे समय से लंबित मांग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगभग चार वर्षों से ठोस कार्रवाई किए बिना केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि न तो वर्तमान और न ही पूर्व जन प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित किया कि केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित यह अस्पताल पूरी तरह से कार्यरत हो जाए, जिससे स्थानीय निवासियों को आवश्यक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार मातृ एवं शिशु अस्पताल को पूरी तरह से चालू नहीं करती है, जैसा कि पूर्व विधायक अजय महाजन ने हाल ही में अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद घोषणा की थी, तो फाउंडेशन 2 अक्टूबर को सिविल अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल शुरू करेगा।


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