अपनी सादगी भरी भाषा, संवेदनशीलता और खूबसूरत शायरी के लिए पहचाने जाने वाले गुलजार मंगलवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर गुलजार की तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने लिखा, “गुलजार साहब आपको जन्मदिन की अनंत बधाई। आप हमारे दिलों में सदैव रहेंगे।” 1934 को भारत के पंजाब के दीना इलाके (जो कि अब पाकिस्तान का हिस्सा है) में जन्में गुलजार का असली नाम संपूरण सिंह कालरा है। अपनी लेखनी और रचनात्मकता के जरिए उन्होंने कई दशकों तक सिनेमा और साहित्य की दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी है।
गुलजार ने हिंदी सिनेमा में गीत लेखन से लेकर कहानी, कविता और निर्देशन तक, उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। गुलज़ार की कविताएं खुशी का एहसास कराती हैं और आपको एक दिव्य दुनिया में ले जाती हैं। उनके बारे में एक खास बात यह है कि 1963 की फिल्म बंदिनी से लेकर 2014 की फिल्म किल दिल तक, वे समय के हिसाब से आगे बढ़ते रहे हैं और अपना योगदान देते रहे हैं।
हालांकि, लेखक बनने से पहले गुलजार ने कई छोटे-छोटे काम किए हैं। मुंबई आने के बाद करियर के शुरुआती में वे कार मैकेनिक का काम करते थे। गुलजार ने बहुत कम उम्र से ही लिखना शुरू कर दिया था, जिस वजह से अक्सर उन्हें पिता से डांट भी पड़ती थी।
लेखने करते हुए, उन्होंने अपना पेन नेम गुलजार दीनवी रखा और बाद में बस गुलजार रख लिया। बंटवारे के बाद, वे दिल्ली आए और बिमल रॉय के असिस्टेंट के तौर पर काम किया। बाद में, उन्होंने म्यूजिक डायरेक्टर एस. डी. बर्मन के साथ फिल्म बंदिनी के लिए एक गीतकार के तौर पर अपना करियर शुरू किया। उनका पहला गाना ‘मोरा गोरा अंग लेले’ था।
गुलजार ने आनंद, मेरे अपने, मौसम, माचिस, ओमकारा, कमीने, दिल से…, गुरु, स्लमडॉग मिलियनेयर, रावण, बंटी और बबली जैसी फिल्मों के गानों के बोल लिखे हैं। उन्होंने आशीर्वाद, आनंद और खामोशी जैसी फिल्मों के लिए डायलॉग और स्क्रीनप्ले भी लिखे हैं।


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