August 19, 2026
National

गुजरात : नकली शराब पीने से दो की मौत, पुलिस ने चार तस्करों को किया गिरफ्तार

Gujarat: Two die after consuming spurious liquor; police arrest four smugglers.

गुजरात के भावनगर में कथित तौर पर नकली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई और 17 लोगों का उपचार जारी है। पुलिस ने नकली शराब की आपूर्ति करने वाले चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मध्य प्रदेश से नकली शराब की आपूर्ति कैसे होती थी।

वहीं, मृतकों की पहचान उपेंद्र सिंह गोहिल और नरेंद्र सिंह यादव के रूप में हुई है। उपेंद्र सिंह गोहिल वतेज थाने के तहत आने वाले खड़खड़ी गांव के रहने वाले थे जबकि नरेंद्र सिंह यादव इंदौर के रहने वाले थे। पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में बताया कि वो नेरेंद्र यादव से जुड़े मौत के मामले की जांच कर रहे थे लेकिन कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई थी। बुधवार को उनके मौत की पुष्टि हो गई।

वहीं, अधिकारियों की ओर से तीसरे मौत के मामले को अभी एक संदिग्ध केस के रूप में ही देखा जा रहा है। इस बारे में अभी अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। इन सभी लोगों का स्वास्थ्य बाद में बिगड़ गया और इनमें से कई लोग कई घंटे तक बेसुध अवस्था में रहे।

उपेंद्र गोहिल को भावनगर अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां पर उन्हें बाद में मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, दूसरे लोगों को शहर के अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, एक अन्य व्यक्ति को शहर के दूसरे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। भावनगर के पुलिस अधीक्षक नीतेश कुमार पांडे ने कहा कि अब तक आठ मरीजों का उपचार सिविल अस्पताल में कराया जा रहा है और अन्य नौ मरीजों को उपचार के लिए पांच निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अब तक 17 मरीज उपचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि अब तक जितने भी लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उनकी हालत स्थिर है। पुलिस का कहना है कि मरीजों से पूछताछ पर मालूम पड़ा है कि इन लोगों ने नकली ब्रांड की शराब का सेवन कर लिया था। वहीं, नकली शराब से जुड़े सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में जांच के लिए भेज दिया गया है।

एसपी ने बताया कि अब इन नकली शराबों में कौन सा पदार्थ मिलाया गया था, ये तो एफएसएल जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। अभी हम यही पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नकली शराब की खेप कहां से बरामद हुई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर नकली शराब की आपूर्ति किसके माध्यम से हो रही थी।

पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक अलग टीम का गठन किया है। इस टीम में मुख्य रूप से भावनगर क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और स्थानीय पुलिस को शामिल किया गया है। यह टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब तक पांच नकली शराब बेचने वालों को हिरासत में लिया है, जिसमें गौतम सोलंकी और एक अन्य सहायक आपूर्तिकर्ता भी शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, अब तक इन लोगों के पास नकली शराब का 90 फीसदी हिस्सा बरामद किया जा चुका है और बाकी हिस्से के बारे में यह बताया जा रहा है कि उसकी आपूर्ति नेटवर्क के जरिए होती थी। प्रारंभिक जांच में यह प्रकाश में आया है कि नकली शराब की खेप की आपूर्ति मध्य प्रदेश से होती थी। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर नकली शराब की यह खेप भावनगर तक कैसे पहुंची और यहां लोगों के बीच कैसे बांटी गई?

पुलिस ने कहा कि जो लोग भी नकली शराब की आपूर्ति करने वाले में शामिल हैं, उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने सभी लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने पिछले दो तीन दिनों में शराब का सेवन किया है, वो फौरन डॉक्टर से चेकअप कराएं।

इसके अलावा, पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर उनके पास नकली शराब बेचने या खरीदने में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो, तो वो इस बारे में स्थानीय पुलिस को जरूर सूचित करें।

भावनगर के जिलाधिकारी ने इस हादसे के बाद स्थानीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां पर दवा की उपलब्धता और उपचार की सुविधा के बारे में जानकारी जुटाई।

पुलिस ने इस मामले में जिले के दूसरे हिस्से में भी छापेमारी की और नकली शराब बेचने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस अब इस बारे में अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, ताकि नकली शराब से जुड़े नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

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