हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह का पालन करते हुए, सभी को ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि त्योहारी मौसम नजदीक आने के साथ ही लोगों को ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को अपनाना चाहिए और देश में बने सामान खरीदने चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनने के बाद मीडिया से बात करते हुए विजय ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को अपनाने पर जोर दिया है। चूंकि त्योहारी मौसम नजदीक आ रहा है, हमें स्थानीय निर्माताओं का समर्थन करने का संकल्प लेना चाहिए। दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान हमें ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदने का निश्चय करना चाहिए। जिस दिन हम सभी स्थानीय उत्पाद खरीदना शुरू कर देंगे, देश प्रगति करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें जनता को नशे से दूर रहने की आवश्यकता के प्रति जागरूक करना चाहिए और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को इससे बचने के लिए प्रेरित करना चाहिए। नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। लोगों को स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए और सफाई के प्रति व्यक्तिगत रूप से सचेत रहना चाहिए, गंदगी फैलाने से बचना चाहिए और मौजूदा गंदगी को दूर करने के लिए काम करना चाहिए ताकि हमारा देश अन्य देशों की तरह स्वच्छ और सुंदर बन सके।”
हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने भी कहा, “भारत को 2047 तक विकसित बनाने के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में देश के युवाओं की अहम भूमिका होगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं से नशे से दूर रहने के आह्वान को देखते हुए, यह हमारा कर्तव्य है कि हम युवाओं को व्यसन से बचने के लिए प्रेरित करें।”
उन्होंने कहा कि पहले कई वस्तुएं लोहारों, सुनारों और अन्य कारीगरों द्वारा हाथ से बनाई जाती थीं, लेकिन आज वे शिल्प लुप्त होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के माध्यम से भारतीय निर्मित उत्पादों की खरीद पर जोर दिया ताकि इस पहल को गति मिल सके। उन्होंने लोगों से दिवाली और अन्य आगामी त्योहारों के दौरान भारत में निर्मित वस्तुओं की खरीददारी करने की अपील की।
मंत्री जी ने कहा कि पंचायत विभाग के माध्यम से लगभग 75,000 महिला स्वयं सहायता समूह विभिन्न वस्तुओं का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका में सुधार हुआ है। राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में साझा बाजार (सांझा बाजार) खोलने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत फतेहाबाद और करनाल में साझा बाजार खुल चुके हैं, जबकि अन्य जिलों में भी इसी तरह के बाजार खोलने के लिए स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं।


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