September 2, 2026
National

मल्लिकार्जुन खड़गे की नजर में जीडीपी का मतलब ‘गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम’: शायना एनसी

For Mallikarjun Kharge, GDP means ‘Gandhi Family Development Program’: Shaina NC

शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार किया। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी की बैठक के लिए राहुल गांधी के नासिक दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर एक्स पर पोस्ट में कहा था कि “लाइट्स। कैमरा और निष्क्रियता। जब अर्थव्यवस्था की बात आती है तो पीएम मोदी के प्रचार की यही कहानी है।”

खड़गे के इस बयान पर शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने आईएएनएस से कहा, “खड़गे सिर्फ एक तरह की जीडीपी समझते हैं और वह है ‘गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम।’ जब वह पीआर फैक्ट्री की बात करते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि 7.8 फीसदी की ग्रोथ रेट फैक्ट्री में नहीं बल्कि खेतों और दुकानों में हासिल होती है, न कि कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस में। कांग्रेस के शासनकाल में 4 फीसदी की ग्रोथ रेट को चमत्कार माना जाता था लेकिन आज वे 7.8 फीसदी की ग्रोथ रेट को ‘पीआर’ कहते हैं। यह पीआर नहीं, पेट में दर्द है। जब अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ और यूक्रेन/ईरान में चल रहे युद्ध के बावजूद हम 7.8 फीसदी की ग्रोथ रेट पर हैं, इसे पीआर नहीं बल्कि पीएम मोदी का परफार्मेंस कहा जाना चाहिए।”

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग पर शायना एनसी ने कहा, “धनुष-बाण का निशान खरीदा नहीं गया था, यह 2022 में संघर्ष से हासिल हुआ था, जब लोग एकजुट हुए थे। बालासाहेब कहा करते थे कि जिसके पास सैनिक होते हैं, सेना उसी की होती है। आज जब 60 विधायक और 13 सांसद हैं और स्थानीय निकायों में एकनाथ शिंदे की तारीफ हो रही है, तो यह सेना किसकी है? सच तो यह है कि धनुष-बाण सिर्फ एक निशान नहीं है बल्कि यह एक विचारधारा है, एक भरोसा है जो 60 सालों में बना है। एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर हो या वड़ा-पाव बेचने वाला, वे सभी जानते हैं कि धनुष-बाण का मतलब एकनाथ शिंदे का समर्थन है।”

नासिक में कांग्रेस की बैठक पर शायना एनसी ने कहा, “राहुल गांधी, महाराष्ट्र में आपका स्वागत है। आप नासिक आए हैं, सुला वाइनयार्ड्स जाइए, कुंभ मेला देखिए लेकिन झूठ मत फैलाइए। नासिक के छात्र समझदार हैं, वे ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ से शिक्षा नहीं लेते। अपने काम के सिलसिले में महाराष्ट्र में आपका जरूर स्वागत है लेकिन जब भी आप आएं, तो इस बारे में भी बताएं कि आपके क्या विचार हैं जब भारत 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ हासिल कर रहा है, 10 करोड़ नौकरियां पैदा कर रहा है और चंद्रयान तक पहुंच रहा है।”

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