September 3, 2026
National

सीजेपी ने वापस लिया 5 सितंबर का प्रदर्शन, राशिद अल्वी ने पूछा- कौन सी शर्तें मानी गईं?

CJP calls off September 5 protest; Rashid Alvi asks—which conditions were accepted?

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने सीजेपी की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन वापस लिए जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। राशिद अल्वी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि जब विपक्ष ने प्रदर्शन का समर्थन किया था तो अचानक इसे वापस लेने का कारण संगठन को देश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। बिना वजह बताए प्रदर्शन वापस लेने से संगठन की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

राशिद अल्वी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रदर्शन का ऐलान किया गया था और विपक्षी दलों ने उसका समर्थन किया तो अब इसे वापस लेने की क्या वजह है। अगर राजनीति करनी है तो देश के लोगों को फैसले के पीछे का कारण बताया जाना चाहिए। एक दिन प्रदर्शन की घोषणा करना और अगले दिन उसे वापस लेने का फैसला करना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं हो सकती। इससे लोगों के मन में शक-ओ-शुब्हा पैदा होता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा और उसकी सरकार राजनीतिक तौर पर हर तरह के हथकंडे अपनाती है। ऐसे में प्रदर्शन वापस लिए जाने से संदेह और बढ़ जाता है। सीजेपी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन कारणों और परिस्थितियों के चलते 5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लिया गया।

जब राशिद अल्वी से पूछा गया कि क्या सीजेपी और भाजपा के बीच किसी तरह का आपसी तालमेल है, तो उन्होंने सीधे तौर पर ऐसा दावा करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह कहना उचित नहीं होगा कि दोनों के बीच तालमेल है या नहीं। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन का ऐलान करने के बाद उसे वापस लेने का कारण बताना सीजेपी की जिम्मेदारी है। फिलहाल, सबसे महत्वपूर्ण सवाल किसी कथित तालमेल का नहीं, बल्कि प्रदर्शन वापस लेने के पीछे की वजह स्पष्ट करने का है।

अल्वी ने कहा कि अगर सीजेपी की कुछ शर्तें हैं और भाजपा उन शर्तों को मान रही है, तो संगठन को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी कौन-कौन सी शर्तें स्वीकार की गई हैं। एक तरफ भाजपा की ओर से सीजेपी की तारीफ की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, उनके मामलों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

अल्वी ने सवाल उठाया कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, जिन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है या जिनके परिवारों को कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है, उनके मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन क्यों नहीं किया जा रहा। अल्वी ने कहा कि अगर इन मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई जाती है तो सीजेपी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। संगठन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने प्रदर्शन वापस लेने का फैसला क्यों किया और जिन मामलों को लेकर पहले विरोध की बात कही गई थी, उन पर अब उसका रुख क्या है।

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