मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज घोषणा की कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में लगभग 2 लाख अत्यंत गरीब परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए 2 अक्टूबर से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी।
हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुखु ने कहा कि लाभार्थियों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी, जबकि इन परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 90,000 परिवारों को अब तक किसी भी सरकारी कल्याण योजना का लाभ नहीं मिला है।
ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों पर प्रकाश डालते हुए सुखु ने कहा कि प्राकृतिक रूप से उगाई गई उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया जा रहा है, जिसमें गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलो, मक्का के लिए 50 रुपये, कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये और अदरक के लिए 30 रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूध के लिए देश का उच्चतम समर्थन मूल्य भी दे रही है, जिसके तहत गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेधावी छात्रों के लिए डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना और इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना जैसी योजनाओं से भी लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि होम स्टे योजना के तहत आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत और आदिवासी क्षेत्रों में 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जा रही है।


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