September 10, 2026
National

यशस्वी इंद्रदेव हमारा कल्याण करें, सूर्यदेव मंगल करें; प्रधानमंत्री मोदी ने स्वस्तिवाचन शेयर किया

May the glorious Lord Indra bring us well-being, and may the Sun God bestow auspiciousness; Prime Minister Modi shared the *Swastivachan* (chant of benediction).

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ऋग्वेद के प्रथम मंडल के 89वें सूक्त का छठा मंत्र, “स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ साझा किया गया। इस मंत्र का हिंदी अर्थ है कि यशस्वी इंद्रदेव हमारा कल्याण करें। समस्त विश्व के ज्ञाता तथा सबका पालन-पोषण करने वाले सूर्यदेव हमारे लिए मंगल करें। विघ्नों का नाश करने वाले भगवान गरुड़देव हम सबकी रक्षा करें तथा ज्ञान के स्वामी बृहस्पतिदेव हमें शांति, सद्बुद्धि और समृद्धि प्रदान करें।

ऋग्वेद के प्रथम मंडल के 89वें सूक्त का छठा मंत्र प्रसिद्ध स्वस्तिवाचन (स्वस्तिक मंत्र) का उपयोग किसी भी शुभ कार्य, पूजा या अनुष्ठान के आरंभ में मंगल और कल्याण की कामना के लिए किया जाता है। इस मंत्र के माध्यम से प्रार्थना की जाती है कि महान कीर्ति और ऐश्वर्य वाले इंद्रदेव हमारा कल्याण करें। संपूर्ण वेदों/ज्ञान के ज्ञाता और सबके पोषणकर्ता पूषा (सूर्य देव) हमारा कल्याण करें।

इस मंत्र के माध्यम से प्रार्थना की जाती है कि जिनकी गति और सुरक्षा चक्र अटूट है। ऐसा गरुड़ या तार्क्ष्य (अरिष्टनेमी) हमारा कल्याण करें। देवगुरु बृहस्पति हमें मंगल और शुभता प्रदान करें। इस मंत्र से प्रमुख वैदिक देवताओं से हमारे जीवन में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

देवराज इंद्र बल, उर्जा और प्रराक्रम के प्रतीक हैं। इस मंत्र में उनसे प्रार्थना की जाती है कि वे हमें शक्ति और विजय प्रदान करें। पूषा सूर्य का एक रूप है; इसमें इस मंत्री में अन्न, धन और आरोग्य की कामना की जाती है। ‘अरिष्टनेमि’ का अर्थ है जिसके पहिए की नेमि (घेरा) सुरक्षित हो, यानी जिसकी रक्षा का चक्र कभी न टूटे। यह हर प्रकार के संकट से हमारी रक्षा करते हैं। देवताओं के गुरु बृहस्पति हमें सद्बुद्धि, विवेक और ज्ञान का आशीर्वाद दें, जिससे सही मार्ग पर चला जा सके।

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