देशव्यापी 24 घंटे के बंद के आह्वान के जवाब में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल किए जाने के कारण आज ऊना जिले में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं। बैंक कर्मचारी संघ के जिला समन्वयक अंजनी कुमार ने कहा कि हड़ताल दो मुख्य मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए बुलाई गई थी – पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह का कार्यान्वयन और बैंक यूनियन प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करके प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) में बदलाव।
कुमार ने कहा कि ये दोनों मांगें केंद्र सरकार के पास लंबित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय बैंकों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करने में लंबे समय से देरी कर रहा है, जबकि कई महत्वपूर्ण सरकारी और निजी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था पहले से ही लागू है।
अंजनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारियों के लिए पीएलआई को एकतरफा लागू करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पीएलआई अपने मौजूदा स्वरूप में अत्यधिक भेदभावपूर्ण और असमानताओं से भरा है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि केंद्र सरकार ने इसके कार्यान्वयन को अस्थायी रूप से रोक दिया है, कर्मचारी बैंक यूनियनों के साथ परामर्श करके इसकी समीक्षा और बदलाव की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल पर बैठे बैंक कर्मचारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने जमा हुए और केंद्र सरकार तथा केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


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