मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने सोमवार को यहां बताया कि हमीरपुर कस्बे में निवासियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बिजली और पानी की पाइपलाइनों के लिए भूमिगत मार्ग बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर 45 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
उन्होंने जल शक्ति विभाग द्वारा 18 लाख रुपये की लागत से स्थापित वास्तविक समय पेयजल निगरानी प्रणाली का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि जल की गुणवत्ता संबंधी जानकारी एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रदर्शित होती रहेगी, जिससे जल की गुणवत्ता में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर विभाग के अधिकारियों को सतर्क किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
भूमिगत बिजली लाइनों और पानी की पाइपों के बारे में बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि विभाग को 15 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। भूमिगत पाइप पांच फीट चौड़े और पांच फीट गहरे होंगे और शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा चौक से भोटा चौक तक मुख्य बाजार और बस स्टैंड रोड से होते हुए सड़क के किनारे बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर में बिजली के तारों, खंभों और अव्यवस्थित रूप से बिछाई गई पाइपों के जाल से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखु ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, संबद्ध स्वास्थ्य सेवा कॉलेज, कैंसर देखभाल संस्थान, एकीकृत विज्ञान कॉलेज और बस स्टैंड जैसी कई अन्य परियोजनाओं को मंजूरी देकर जिले में विकास की एक नई कहानी लिखी है।
इस अवसर पर राज्य नशामुक्ति बोर्ड के संयोजक और सलाहकार नरेश ठाकुर, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुमन भारती और जल शक्ति विभाग के अधिकारी भी उपस्थित


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