September 24, 2026
Haryana

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा ने ग्रामीण संपर्क अभियान शुरू किया और निर्णायक संघर्ष की घोषणा की।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बुधवार को अपने गढ़ी सांपला-किलोई विधानसभा क्षेत्र के नौ गांवों का दौरा करके अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की। अपनी यात्राओं के दौरान उन्हें स्थानीय निवासियों से हार्दिक स्वागत मिला। विभिन्न गांवों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए, हुडा ने अपने भावी राजनीतिक मार्ग पर लोगों के विचार जानने का प्रयास किया।

ग्रामीणों को अपनी “असली ताकत” बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वे अनुमति दें तो वे पूरे राज्य में भाजपा के खिलाफ “निर्णायक संघर्ष” शुरू करना चाहते हैं। ग्रामीणों ने समर्थन में दोनों हाथ उठाकर जवाब दिया। ग्रामीणों ने हुड्डा से आग्रह किया कि वे राज्य भर में यात्रा करें और भाजपा को सत्ता से बेदखल किए बिना न रुकें। इसके बाद उन्होंने उनके समर्थन और उत्साह के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि कांग्रेस 2024 के चुनावों में मिली हार से उपजे निराशा को पीछे छोड़कर एक नई राजनीतिक लड़ाई शुरू कर रही है।

उन्होंने कहा, “संगठन को मजबूत करने के बाद हम लगातार ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें कर रहे हैं। हालांकि, मुझे लगा कि भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने से पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से एक बार परामर्श करना आवश्यक है।” अपनी यात्रा की शुरुआत ब्राह्मणवास गांव से करते हुए हुडा ने कहा कि इस गांव ने हमेशा उनके परिवार को आशीर्वाद और समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा को भी ग्रामीणों से स्नेह और समर्थन प्राप्त हुआ था।

उन्होंने आगे कहा, “यहां उनका आशीर्वाद लेने के बाद, मैं पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र में और फिर पूरे राज्य में जाऊंगा, और तब तक नहीं रुकूंगा जब तक हरियाणा में कांग्रेस की जीत का झंडा फहरा नहीं जाता।” हुड्डा ने ब्राह्मणवास, बसंतपुर, धमार, रिठाल, कान्ही, जस्सिया, घिलौर खुर्द और घिलौर कलां का दौरा किया और जनसभाओं को संबोधित किया।

हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने 2024 के विधानसभा चुनाव चुनावी अनियमितताओं के जरिए जीते थे और कहा कि राहुल गांधी ने तथ्यों के साथ इस मुद्दे को उठाया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वोट चोरी’ को लेकर राहुल की चेतावनी पूरी तरह सही साबित हुई। उन्होंने कहा, “’एसआईआर’ के बहाने 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना इसी तानाशाही का सबूत है। लोकतंत्र की रक्षा का जिम्मा संभालने वाली संस्था अब सत्ताधारी दल की कठपुतली बन गई है और जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे अंधकारमय और नाजुक दौर है।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस के कार्यकाल में हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार था। भाजपा सरकार ने राज्य को नशीली दवाओं, भ्रष्टाचार और अपराध से संबंधित समस्याओं की ओर धकेल दिया है।”

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